फगवाड़ा , दिसंबर 13 -- पंजाब में कपूरथला जिले के भुल्लथ विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनावों की पूर्व संध्या पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा ने मतदान प्रक्रिया की सुरक्षा और निष्पक्षता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए विपक्षी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को सुनियोजित तरीके से डराने-धमकाने का आरोप लगाया है।
पंजाब राज्य चुनाव आयुक्त को संबोधित एक ज्ञापन में श्री खैरा ने दावा किया है कि 14 दिसंबर को होने वाले चुनावों के परिणाम को प्रभावित करने के उद्देश्य से राजनीतिक दबाव में पुलिस तंत्र के कथित दुरुपयोग के माध्यम से निर्वाचन क्षेत्र में जानबूझकर भय का माहौल बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कपूरथला पुलिस ने सत्ताधारी पार्टी के दबाव में आकर 14 नवंबर को सुभानपुर पुलिस स्टेशन में एक मनगढ़ंत और झूठा आपराधिक मामला दर्ज किया। बताया जाता है कि इस मामले में आठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कई अज्ञात व्यक्तियों को भी नामजद किया गया, जिसके कारण दो पार्टी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अन्य को जमानत के लिए अर्जी देनी पड़ी।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसी रणनीति के तहत, पार्टी कार्यकर्ताओं में डर पैदा करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में स्वतंत्र भागीदारी को हतोत्साहित करने के लिए, बाद में चुनिंदा रूप से कुछ और कांग्रेस नेताओं को 'अज्ञात आरोपी' के रूप में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि नामजद लोगों में ब्लॉक समिति के उम्मीदवार पूरन सिंह और जिला परिषद सदस्य उम्मीदवार नरिंदरजीत कौर के पति जसविंदर सिंह भी शामिल थे।
श्री खैरा ने कहा कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को डराना और सत्तारूढ़ दल के पक्ष में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना था । उन्होंने आशंका व्यक्त की कि मतदान के दिन बूथ कैप्चरिंग या अन्य चुनावी गड़बड़ियों को अंजाम देने के लिए स्थानीय पुलिस का दुरुपयोग किया जा सकता है, और उन्होंने राज्य चुनाव आयोग से चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
पूर्व विधायक ने भुल्लथ निर्वाचन क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर जिले के बाहर से सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का अनुरोध किया और जोर देकर कहा कि केवल निष्पक्ष और स्वतंत्र सुरक्षा व्यवस्था ही स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित कर सकती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यदि मतदान के दिन मतदाताओं को खतरा या भय महसूस होता है, तो चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास गंभीर रूप से कमज़ोर हो जाएगा। शिकायत में उल्लिखित मामला कपूरथला के सुभानपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया जा चुका है और यह मामला अब चुनाव अधिकारियों के विचारधीन है।
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