बीजापुर , जनवरी 20 -- छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के चट्टानपारा क्षेत्र में हाल में हुई बुलडोज़र कार्रवाई और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता को ज़मीन आवंटन को लेकर विधायक विक्रम मंडावी और माकपा नेताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उन्होंने संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रदेश सरकार पर 'घर तोड़ो, ठेकेदार को ज़मीन दो' की 'डबल इंजन' नीति अपनाने का आरोप लगाया।

विधायक विक्रम मंडावी ने बताया कि 16-17 जनवरी को जिला प्रशासन और नगर पालिका ने चट्टानपारा में 100 से अधिक पक्के एवं कच्चे मकानों को बुलडोज़र चलाकर गिरा दिया। उन्होंने इस 'अमानवीय' कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले इस आदिवासी बहुल क्षेत्र के लिए घोर अन्याय है।

उन्होंने सरकार पर दोहरी नीति का आरोप लगाते हुए कहा, "एक ओर सरकार नक्सलियों को ज़मीन और सुविधाएँ दे रही है, वहीं दूसरी ओर नक्सल पीड़ित गरीब आदिवासियों और नक्सलियों से लड़ने वाले डीआरजी जवानों के घर तोड़े जा रहे हैं। यह कैसा विरोधाभास है।"उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता, जिला महामंत्री और ठेकेदार संजय लुंकड़ के नाम कथित रूप से आवंटित विभिन्न ज़मीनों (कुल मिलाकर लगभग छह एकड़ से अधिक) का खुलासा करते हुए गहन जांच की मांग की। श्री मंडावी ने सवाल उठाया कि इतनी ज़मीनें किस आधार और मानदंड पर आवंटित की गईं।

माकपा जिला सचिव कमलेश झाड़ी ने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासियों के जल, जंगल, ज़मीन को पूंजीपतियों और ठेकेदारों को सौंप रही है। दोनों नेताओं ने मांग की कि प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा और वैकल्पिक आवास दिया जाए, पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में ऐसी कार्रवाई पर रोक लगे और लुंकड़ सहित सभी प्रभावशालियों की ज़मीन आवंटन की निष्पक्ष जांच हो।

श्री मंडावी ने भाजपा से पूछा कि क्या पार्टी इस बुलडोज़र कार्रवाई का समर्थन करती है या विरोध। प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिक भी मौजूद थे।

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