लखनऊ , फरवरी 19 -- उत्तर प्रदेश विधान परिषद में गुरुवार को नियम-110 के अंतर्गत सदस्य विजय बहादुर पाठक ने ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के रिन्यूअल में आमजन को हो रही कठिनाइयों का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था को बेहतर और जनसुलभ बनाने के लिए सरकार लगातार सुधार कर रही है, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया में तकनीकी और प्रक्रियात्मक बाधाओं के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिस पर सभापति ने विषय को प्रभावी कार्रवाई के लिए सरकार को प्रेषित कर दिया।
पाठक ने सदन को अवगत कराया कि परिवहन कार्यालयों को अधिक जन-अनुकूल (पब्लिक फ्रेंडली) बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन डीएल रिन्यूअल के दौरान डेटा ब्लॉक होने और डी-डुप्लीकेशन की प्रक्रिया के कारण आवेदकों को मूल आरटीओ कार्यालय जाना पड़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि इस समस्या से वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक कठिनाई हो रही है।
उन्होंने बताया कि जब किसी आवेदक द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन कराया जाता है, तो पुराने और नए दोनों स्थानों का डेटा सिस्टम में जुड़ जाता है। ऐसे में रिन्यूअल के समय दोनों पतों के डेटा के कारण प्रक्रिया बाधित हो जाती है और एक स्थान का डेटा हटाने के बाद ही नवीनीकरण संभव हो पाता है। इसके लिए आवेदक को अपने मूल जिले के आरटीओ कार्यालय जाना पड़ता है, जबकि नियमानुसार पता परिवर्तन के बाद रिन्यूअल दोनों स्थानों से संभव होना चाहिए।
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