सूरजपुर , जनवरी 30 -- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शासकीय विद्यालय में अनुशासनहीनता और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक प्रधान पाठक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है।
इस मामले में स्कूल परिसर में नशे की हालत में बंदूक लेकर पहुंचने के दोषी पाए गए प्रधान पाठक सुशील कुमार कौशिक की तीन वार्षिक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोक दी गई हैं।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रतापपुर द्वारा प्रस्तुत विभागीय जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि 21 नवंबर 2024 को शासकीय प्राथमिक पाठशाला मुस्लमानपारा, प्रतापपुर में पदस्थ प्रधान पाठक कौशिक नशे की अवस्था में बंदूक लेकर शासकीय हाई स्कूल बरबसपुर पहुंचे थे।
जांच के दौरान संकुल प्राचार्य एवं घटना के समय उपस्थित शिक्षकों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें घटना की पुष्टि हुई।
विभागीय जांच में स्वयं प्रधान पाठक द्वारा घटना स्वीकार किए जाने के बाद आरोपों को पूर्णतः प्रमाणित माना गया।
प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख है कि घटना में प्रयुक्त बंदूक को थाना प्रतापपुर द्वारा जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित रखा गया। इसके अलावा यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित प्रधान पाठक द्वारा अवकाश के दौरान भी नशे की हालत में विद्यालय पहुंचने तथा बंदूक से जान से मारने की धमकी देने जैसी घटनाएं हुईं, जिससे विद्यालय परिसर में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
जांच प्रतिवेदन में उक्त आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-03 के प्रतिकूल बताते हुए इसे गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखा गया है। शिक्षा विभाग ने इसे विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अत्यंत चिंताजनक करार दिया है।
आरोप सिद्ध होने के बाद अपचारी शिक्षक को दीर्घ शास्ति देते हुए उसकी तीन वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने का आदेश दिया गया है। साथ ही निलंबन से बहाल करते हुए उन्हें शासकीय प्राथमिक विद्यालय गरजापारा, टमकी, विकासखंड ओड़गी, जिला सूरजपुर में पदस्थ किया गया है। निलंबन अवधि को जीवन निर्वाह भत्ता तक सीमित रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
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