हैदराबाद , फरवरी 04 -- तेलंगाना मानवाधिकार आयोग (टीजीएचआरसी) ने हैदराबाद के कई सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में सफाई कर्मचारी नहीं होने कारण विद्यार्थियों को झाड़ू लगाने, कचरा फेंकने और अन्य छोटे-मोटे सफाई के काम करने के लिए मजबूर किये जाने संबंधी मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है।

यह संज्ञान आयोग की सदस्य (न्यायिक) सिवादी प्रवीणा ने स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित खबर लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा एक से 10वीं तक के विद्यार्थियों को कथित तौर पर सफाई का काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, और जो विद्यार्थी मना करते हैं, उन्हें कथित तौर पर धमकी और शारीरिक दंड दिया जाता है। आयोग ने कहा कि अगर ये आरोप सच हैं, तो ये बाल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं और शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत वैधानिक सुरक्षा का उल्लंघन करते हैं।

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