चंडीगढ़ , मार्च 14 -- इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला को विदेशी नंबर से मिली जान से मारने की धमकी के मामले में पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अगली सुनवाई तक केंद्र सरकार की ओर से जवाबदाखिल नहीं किया गया तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने अदालत को बताया कि जिस नंबर से व्हॉट्सएप कॉल के माध्यम से धमकी दी गयी थी, वह विदेशी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसे पकड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं।
पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले में जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है और चौटाला की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। अदालत ने फिलहाल केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक और अवसर देते हुए मामले की सुनवाई आगे के लिए टाल दी।
पुलिस के शपथपत्र के अनुसार अभय सिंह चौटाला को हरियाणा सरकार पहले ही संरक्षित व्यक्ति घोषित कर चुकी है और उन्हें वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। इस सुरक्षा में एक गार्ड टीम के अलावा हरियाणा पुलिस के सात जवान पायलट और एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात हैं।
इसके अलावा चंडीगढ़ के सेक्टर-9/ए स्थित उनके आवास के आसपास बीट पेट्रोलिंग और पीसीआर गश्त भी बढ़ा दी गई है। ये जवान सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र में स्थित उनके तेजखेड़ा फार्म सहित अन्य स्थानों पर भी सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार 15 जुलाई 2025 की रात चौटाला के पुत्र करण सिंह चौटाला के मोबाइल फोन पर व्हॉट्सएप कॉल आयी थी, जिसमें जान से मारने की धमकी दी गयी थी। शिकायत के बाद सेक्टर-3 थाना में मामला दर्ज कर जांच साइबर सेल को सौंप दी गयी थी।
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