चंडीगढ़ , जनवरी 13 -- पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को कहा कि वित्त विभाग में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक अधीक्षक को बर्खास्त किया गया है और तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।
वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि वर्ष 2022 के बीच में खजाना एवं लेखा शाखा (मुख्यालय) तथा विभिन्न जिला खजाना कार्यालयों में तैनात चार कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। उन्होंने कहा कि शिकायतें मिलते ही विभाग ने बिना किसी देरी के कार्रवाई की। इन चारों अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया और मामले की गहन जांच के लिए सतर्कता ब्यूरो को सौंप दिया गया।
विभागीय जांच के परिणामों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि पूर्ण जांच के बाद दिसंबर 2025 में निर्णायक कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के पद पर तैनात एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि शेष तीन कर्मचारियों को सेवा नियमों के अनुसार कड़ी सज़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सतर्कता ब्यूरो, अमृतसर रेंज द्वारा बर्खास्त किए गए सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। उक्त आरोपी को इस साल 11 जनवरी को गिरफ्तार किया गया और प्रारंभिक हिरासत समाप्त होने के बाद 12 जनवरी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गुरदासपुर की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए आरोपी का एक दिन का पुलिस रिमांड दिया है।
भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को और आगे बढ़ाते हुए श्री चीमा ने खुलासा किया कि चारों आरोपी कर्मचारियों के बैंक खातों की जांच के दौरान 22 अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आए। उन्होंने कहा कि पूर्ण निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इन लेन-देन की जांच एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से करवाई गई। इस निष्पक्ष जांच के आधार पर अब इन सभी 22 अधिकारियों के विरुद्ध नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित