नयी दिल्ली , मार्च 11 -- सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 भारतीय रेल ने लंबी दूरी की विभिन्न ट्रेनों में 1250 सामान्य कोच लगाए थे और चालू वित्त वर्ष में ऐसे और 860 कोच लगाये गये हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भारतीय रेल में ट्रेनों की भरी सीटों की स्थिति (अनुपात) पूरे वर्ष समान नहीं रहता। यह व्यस्त और कम भीड़ वाले सीजन अनुसार बदलता रहता है। उन्होंने कहा कि व्यस्त सीजन में, विशेष रूप से लोकप्रिय मार्गों पर ट्रेनों की सीटें पूरी तरह भर जाती हैं, जबकि कम भीड़ वाले समय या कम लोकप्रिय मार्गों पर सीटों का उपयोग अपेक्षाकृत कम रहता है।
उन्होंने कहा, 'फिर भी 2023-24 से 2025-26 (जनवरी 2026 तक) की अवधि में अमृत भारत ट्रेनों के स्लीपर क्लास में औसत ऑक्यूपेंसी (भरी सीटों का अनुपात) 100 से अधिक रहा।
रेल मंत्री ने बताया कि सामान्य कोच अनारक्षित यात्रा करने वाले यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेल ने सामान्य श्रेणी के यात्रियों के लिए सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही लंबी दूरी की विभिन्न ट्रेनों में 1250 सामान्य कोच लगाए गए। वर्तमान वित्तीय वर्ष (फरवरी 2026 तक) में 860 कोच स्थायी रूप से जोड़े गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि कम और मध्यम आय वर्ग के परिवारों की यात्रा जरूरतों को पूरा करने के लिए 17,000 गैर एसी कोच (सामान्य अथवा स्लीपर कोच) बनाने की योजना शुरू की है।
रेलवे लगातार समाज के सभी वर्गों की यात्रा जरूरतों को पूरा करने के लिए नॉन-एसी और एसीदोनों प्रकार के कोच उपलब्ध कराने का प्रयास करता है। इस समय रेलवे के पास लगभग 89,000 कोच हैं जिनमें करीब 62 हजार (70 प्रतिशत) साधारण और गैर एसी स्लीपर कोच तथा 27 हजार (30 प्रतिशत) एसी कोच हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित