तिरुवनंतपुरम , जनवरी 24 -- अडानी समूह की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) ने केरल के विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह के दूसरे चरण के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

केरल के मुख्य मंत्री पिनराई विजयन और केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग राज्य मंत्री सर्वानंद सोनोवाल में शनिवार को एक कार्यक्रम में दूसरे चरण के विकास कार्य की औपचारिक शुरुआत की।

श्री विजयन ने कहा, "विझिंजम बंदरगाह, जिसने भारतीय बंदरगाहों की सेवा करने वाले एक राष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल के रूप में संचालन शुरू किया था, पूर्ण विकास के बाद अंतर्राष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट का केंद्र बन जायेगा। विझिंजम अफ्रीका और पश्चिम एशिया के बंदरगाहों की सेवा करने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट केंद्र बनेगा।"एपीएसईजेड के प्रबंध निदेशक करण अडानी ने कहा कि यह परियोजना सहकारी संघवाद को साकार करने का एक सशक्त उदाहरण है. वाणिज्यिक संचालन शुरू होने के केवल 15 महीने में ही यह 10 लाख टीईयू (20 फुट इक्विवेलेंट यूनिट) माल को बंदरगाह सेवा प्रदान करने वाला देश का सबसे तेज बंदरगाह बन गया है, जिससे केरल वैश्विक जहाजरानी मानचित्र पर मजबूती से स्थापित हुआ है। पहले वर्ष में यहां 615 जहाजों तथा 13.2 लाख टीईयू का संचालन गया। दिसंबर 2025 में 1.21 लाख टीईयू के मासिक आंकड़े के साथ, यह भारत के दक्षिण और पूर्वी तटों पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाला बंदरगाह भी रहा।

विझिंजम देश का पहला अर्ध-स्वचालित कंटेनर बंदरगाह है और देश का पहला बंदरगाह है जहां महिलाएं स्वचालित क्रेन ऑपरेटर के रूप में तैनात हैं।

यह बंदरगाह अपनी मजबूत अवसंरचना के लिए जाना जाता है, जिसमें तीन किलोमीटर लंबा ब्रेकवॉटर, 18 से 20 मीटर की प्राकृतिक गहराई और न्यूनतम तटीय तलछट प्रवाह शामिल है, जिससे सीमित ड्रेजिंग के साथ वर्ष-भर संचालन संभव होता है। यह दुबई, कोलंबो, सिंगापुर तथा मलेशिया के पोर्ट क्लांग जैसे स्थापित क्षेत्रीय गेटवे का प्रतिस्पर्धी विकल्प प्रदान कर रहा है।

स्वीकृत मास्टरप्लान के अनुसार, चरण-2 में लगभग 10,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है, जो कुल 16,000 करोड़ की प्रतिबद्धता का मुख्य भाग है। इस विस्तार के तहत कंटेनर बर्थ की लंबाई 800 मीटर से बढ़ाकर 2,000 मीटर की जायेगी और ब्रेकवॉटर की लंबाई लगभग 3,900 मीटर तक बढ़ाई जायेगी। इसे साल 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पूर्ण होने पर, विझिंजम की क्षमता 10 लाख टीईयू से बढ़कर 2029 तक 57 लाख टीईयू हो जायेगी।

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