सतीश सिंहलखनऊ , मार्च 07 -- प्रदेश सरकार विज्ञान और तकनीक को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार नई पहल कर रही है। बीते वर्ष अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से लौटने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के नाम पर स्कॉलरशिप शुरू करने की घोषणा भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके साथ ही नक्षत्रशालाओं के उन्नयन, साइंस पार्क, स्पेस पार्क, रिमोट सेंसिंग और संभावित सैटेलाइट परियोजना जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों पर तेज़ी से काम चल रहा है।
इस विषय पर शनिवार को यूनीवार्ता से विशेष बातचीत में विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने बताया कि शुभांशु शुक्ला स्कॉलरशिप नए वित्तीय सत्र से शुरू करने की योजना है। फिलहाल एमटेक छात्रों को फेलोशिप दी जा रही है, जिसमें एक लाख, 75 हजार और 50 हजार रुपये की तीन श्रेणियां हैं। हमारा उद्देश्य है कि मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा और शोध के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर की नक्षत्रशाला मार्च में आम दर्शकों के लिए खोल दी जाएगी। यह नक्षत्रशाला 80 के दशक में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीर बहादुर सिंह द्वारा स्थापित की गई थी। इसके साथ ही रामपुर की नक्षत्रशाला को दोबारा शुरू किया जा रहा है, जबकि लखनऊ की नक्षत्रशाला का हाल ही में अपग्रेडेशन पूरा हुआ है।
विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री ने बताया मंडल स्तर पर साइंस पार्क विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। मुरादाबाद, बरेली, बांदा, आगरा और बनारस में स्थान चिन्हित किए गए हैं। अन्य मंडलों में भी इसे मूर्त रूप देने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य बच्चों में विज्ञान के प्रति अभिरुचि को बढ़ाना है।
अनिल कुमार ने कहा कि लखनऊ में स्पेस पार्क बनाने की भी योजना है, जिसके लिए एलडीए से 12 एकड़ भूमि ली गई है। यहां अंतरिक्ष से जुड़े मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। जिससे बच्चों को स्पेस साइंस के बारे में जानकारी मिल सके। इस संबंध में विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला से भी चर्चा हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा हम रिमोट सेंसिंग के जरिए हम डिजिटल मैपिंग कर रहे हैं। पहले जो काम दूसरे विभागों से कराया जाता था, अब वह हमारे विभाग के माध्यम से किया जा रहा है। नगर निगम और नगर विकास विभाग के लिए मैपिंग की जा चुकी है। प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी संबंधित विभागों को दी जाती है। इसके अलावा औद्योनिक और कृषि फसलों-जैसे फल-फूल के उत्पादन के आधार पर भविष्य में होने वाले लाभ या संभावित नुकसान का भी आकलन किया जाता है।
अनिल कुमार ने कहा कि आकाशीय बिजली से जान-माल की क्षति रोकने के लिए हम अपने सैटेलाइट के विकास की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। इस विषय में शुभांशु शुक्ला से भी चर्चा हुई है। बीते वर्ष इसरो के चेयरमैन उत्तर प्रदेश आए थे, तब मुख्यमंत्री जी ने उनसे इस विषय पर बातचीत की थी। आने वाले समय में इस पर ठोस प्रगति देखने को मिलेगी।
मंत्री ने बताया कि हाल ही में, मैं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु गया था। लखनऊ में साइंस यूनिवर्सिटी बनाने की योजना पर विचार चल रहा है। इस संबंध में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से पत्राचार भी हुआ है। बातचीत जारी है और हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में इसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।
एसआईआर को लेकर विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विज्ञान व प्रौद्योगिकी अनिल कुमार ने कहा कि यह मुद्दा पूरी तरह बेबुनियाद है। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए स्वच्छ वोटरलिस्ट जरूरी है। मृतकों के नाम हटना चाहिए और जो युवा जनवरी 18 साल के पूरे हो रहे हैं या होने वाले हैं, उनके नाम वोटर लिस्ट में जुड़ने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 2027 में हम फिर दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी।
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