प्रयागराज , दिसंबर 16 -- राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर संगम नगरी प्रयागराज में मंगलवार को सामूहिक वंदे मातरम् गान समारोह का आयोजन किया गया। भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में हुई जंग में भारत के विजय दिवस के मौके पर हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान की ओर से सामूहिक वंदे मातरम गान का यह आयोजन भारत स्काउट एंड गाइड इंटर कॉलेज मम्फोर्डगंज में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 5000 से ज्यादा स्कूली बच्चों ने एक साथ सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् गाया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वास्तिक वाचन से हुई। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पित और देशभक्ति के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखने वाली पदम् श्री डॉ सोमा घोष भी मौजूद रहीं।इस मौके पर श्री मौर्य ने कहा कि 16 दिसंबर भारत की पाकिस्तान पर जीत और तिरंगे के मान सम्मान का दिवस है।
उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर 2047 में भारत विकसित होगा और इसका संचालन युवाओं के हाथ में होगा। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्र भक्ति भावना होती है तो कोई कार्य असंभव नहीं होता।
श्री मौर्य ने कहा कि वंदे मातरम् एक ऐसा महामंत्र है जो सन्यासी विद्रोह की आग है। यह आनंदमठ की आत्मा है। यह आजादी के आंदोलन का महामंत्र है। यह भारत की शाश्वत चेतना का भी महामंत्र है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के टुकड़े करने और मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस ने भारत के टुकड़े कराए। इस वंदे मातरम् का जाप जब 140 करोड़ देशवासी करेंगे तो अखंड भारत का रास्ता साफ होगा और भारत विश्व गुरु बनेगा। मुस्लिम तुष्टीकरण के राजनीति से देश मुक्त होगा। भ्रष्टाचार और गरीबी से मुक्त होकर विश्व गुरु बनेगा।डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस मौके पर ऐलान किया है कि माघ मेले में भी वंदे मातरम् गान समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की प्रतिमा भी प्रयागराज में स्थापित की जाएगी।
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