कन्नूर , फरवरी 25 -- केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को कहा कि राज्य ने आयुर्वेद चिकित्सा उपचार में वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है, हालांकि अपर्याप्त वैज्ञानिक अनुसंधान से इसके विकास में बाधा भी आयी है।

मुख्यमंत्री ने इरिथी के पास कल्लियड में 300 एकड़ में निर्मित 'इंटरनेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद' (आईआरआईए) का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान आयुर्वेद की प्रगति रुक गई थी और कुशल चिकित्सकों की उपस्थिति के बावजूद, यह समय के साथ आगे बढ़ने में विफल रहा।

श्री विजयन ने कहा कि शोध की कमी के कारण बहुमूल्य पारंपरिक ज्ञान का नुकसान हुआ। साथ ही आधुनिक चिकित्सा समुदाय के कुछ वर्गों ने आयुर्वेद के बारे में नकारात्मक धारणाओं को भी बढ़ावा दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आईआरआईए आयुर्वेद का आधुनिकीकरण करेगा और वैज्ञानिक सत्यापन के माध्यम से उस खोए हुए ज्ञान को पुनः प्राप्त करने में मदद करेगा। इसके पहले चरण में 100 बिस्तरों वाला एक शोध अस्पताल, एक हर्बल अनुसंधान केंद्र, एक नर्सरी और ताड़ के पत्तों की पांडुलिपि अध्ययन केंद्र शामिल है।

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