जयपुर , मार्च 07 -- राजस्थान कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष एम.डी. चोपदार ने राज्य सरकार का विधानसभा में शुक्रवार को पारित 'राजस्थान विक्षुब्ध क्षेत्रों में स्थावर संपत्ति के अंतरण का प्रतिषेध और परिसरों से किरायेदारों को बेदखली से संरक्षण के लिए उपबंध विधेयक 2026' को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा है कि विभाग इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।
श्री चोपदार ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने कहा, " हम इस विधेयक के खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन भी करेंगे।"उन्होंने इस विधेयक को संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार का मूल एजेन्डा केवल हिन्दू मुस्लिम करके धुव्रीकरण करना है। उन्होंने कहा कि कैसे एक वर्ग विशेष के क्षेत्र को अशांत क्षेत्र घोषित किया जा सकता है। उन्होंने भाजपा सरकार को पर्ची सरकार बताते हुए कहा कि यह केवलपर्ची पर काम कर रही है, क्योंकि ऐसा ही कानून गुजरात राज्य में लागू है, यह सरकार केवल गुजरात मॉडल का फार्मूला राजस्थान में लागू करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति राजस्थान की संस्कृति नहीं रही है और यहां सभी वर्ग प्यार और मोहब्बत से रहते आए हैं, लेकिन भाजपा सरकार इस तरह के कानून लाकर हिन्दू-मुस्लिम के बीच खाई बढाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि आगामी समय में निकाय और पंचायती राज चुनाव होने है। राज्य सरकार को निकाय और पंचायती राज चुनाव में करारी हार दिख रही है। क्योंकि ढाई साल के शासन में जनता के कोई काम नहीं हुए। जनता त्राहिमाम त्राहिमाम कर रही है और भाजपा सरकार को सबक सिखाना चाहती है। अब जनता की नाराजगी भांपकर भाजपा सरकार लोंगों को बांटने का वाला कानून लेकर आयी है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कानून लाकर सोचती है कि हिन्दू मुसलमान की राजनीति कर लेगी, तो यह सरकार की भूल है। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की धुव्रीकरण वाली राजनीति को कामयाब नहीं होने देगा।
श्री चोपदार ने कहा कि पहले भी भाजपा सरकार धर्मातरण विरोधी कानून लेकर आयी थी। उसके खिलाफ हम लोग उच्चतम न्यायालय गये और अब अशांत क्षेत्र विधेयक के खिलाफ भी कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटायेगी।
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