पटना, मार्च 19 -- योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने गुरूवार को कहा कि राज्य की विकास योजनाओं का सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के साथ समन्वय अत्यंत आवश्यक है, जिससे समावेशी, सतत एवं संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

योजना एवं विकास विभाग की ओर से आयोजित सतत विकास लक्ष्यों पर राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर पर डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि बताया कि बिहार सरकार ने वर्ष 2017 में एसडीजी विजन दस्तावेज तैयार कर सभी विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों को एसडीजी के लक्ष्यों से जोड़ा है। राज्य स्तर पर 334 संकेतकों का एक व्यापक ढांचा विकसित किया गया है, जिससे योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी एवं मूल्यांकन किया जा रहा है।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार ने एसडीजी संकेतकों के आधार पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। 162 प्रमुख संकेतकों के विश्लेषण में लगभग 72 प्रतिशत संकेतकों में सुधार हुआ है, जो राज्य की मजबूत नीतिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि 15 एसडीजी में से आठ लक्ष्यों पर राज्य संतोषजनक प्रगति कर रहा है, जबकि अन्य लक्ष्यों पर भी निरंतर प्रयास जारी हैं। उन्होंने राज्य की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार का एसडीजी स्कोर वर्ष 2018 के 48 से बढ़कर 2023-24 में 57 हो गया है।

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