कोटा , फरवरी 18 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विकसित भारत के संकल्प में महिला शक्ति की अहम भूमिका बताते हुए बुधवार को कहा कि महिलाएं विज्ञान, तकनीक, प्रशासन, कृषि और सीमा सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में आगे बढ़कर नेतृत्व कर रही हैं और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

श्री बिरला आज किशोर सागर तालाब की पाल स्थित ग्रामीण हाट में आयोजित 'राज सखी कोटा मेला-2026' के समापन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने देश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में महिलाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान बताते हुए कहा कि भारत की नारी शक्ति ने आध्यात्मिक परंपरा से लेकर स्वतंत्रता संग्राम, संविधान निर्माण और राष्ट्र निर्माण तक हर दौर में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाओं द्वारा हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद और स्थानीय कला के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयास प्रेरणादायक हैं। विभिन्न राज्यों और गांवों की महिलाएं अपने उत्पादों को नए बाजारों से जोड़ रही हैं, जिससे उनकी आय बढ़ रही है और स्थानीय परंपराओं को भी नई पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं 'लखपति दीदी' बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, जो सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए "लखपति दीदी" के संकल्प को ऐसे आयोजन मजबूती देते हैं। सरकार का प्रयास है कि दूर-दराज़ के गांवों की महिलाओं को प्रशिक्षण, बेहतर विपणन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए ताकि उनके उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सके। उन्होंने कहा कि राजीविका मिशन के तहत कलेक्शन सेंटर और डिजिटल मार्केटिंग व्यवस्था को मजबूत करने की भी आवश्यकता है।

श्री बिरला ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और स्थानीय निर्माण को प्रोत्साहन देने से ही आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का मार्ग मजबूत होगा। हर महिला सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बने, यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। आर्थिक मजबूती से सामाजिक परिवर्तन भी संभव है। सामूहिक प्रयासों से नारी शक्ति का आत्मविश्वास और परिश्रम देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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