भोपाल , दिसंबर 15 -- मध्यप्रदेश विधानसभा की 69वीं वर्षगांठ के अवसर पर माननीय विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर की पहल पर 17 दिसंबर 2025, बुधवार को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा की सात दशक की यात्रा तथा मध्यप्रदेश सरकार के दो वर्ष के कार्यों पर केन्द्रित विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ माननीय राज्यपाल मंगुभाई पटेल करेंगे।

माननीय विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि 17 दिसंबर का दिन मध्यप्रदेश विधानसभा के इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1956 में विधानसभा की प्रथम बैठक आयोजित हुई थी। इस वर्ष इस ऐतिहासिक दिन को एक दिवसीय विशेष सत्र के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सत्र में सभी माननीय सदस्य विकसित मध्यप्रदेश के विज़न को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक कदमों पर अपने विचार व्यक्त करेंगे।

श्री तोमर ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश विकासशील राज्यों में अग्रणी है और प्रदेश ने अनेक क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, लेकिन भविष्य में विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए चिंतन और ठोस कदम उठाना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है।

उल्लेखनीय है कि राज्य पुनर्गठन आयोग की अनुशंसा पर 1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश राज्य का गठन हुआ था। मध्यप्रदेश विधानसभा का प्रथम सत्र 17 दिसंबर 1956 से 17 जनवरी 1957 तक चला, जिसकी पहली बैठक 17 दिसंबर 1956 को हुई थी। अब तक प्रदेश में 16 विधानसभाओं का गठन हो चुका है और वर्तमान में 16वीं विधानसभा कार्यरत है। प्रथम विधानसभा से अब तक 19 अध्यक्ष विधानसभा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

17 दिसंबर 2025 को आहूत विशेष सत्र में मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने पर विस्तृत चर्चा होगी। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश 'विकसित भारत' के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके लिए विकसित मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसी दृष्टिकोण के साथ सदन में विचार-विमर्श किया जाएगा।

इसी दिन प्रातः 10 बजे विधानसभा परिसर में विधानसभा की सात दशक की यात्रा पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल करेंगे। इस अवसर पर माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार, मंत्रिगण, विधायकगण, पूर्व विधायक एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

इस ऐतिहासिक प्रदर्शनी में 136 चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे, जिनमें प्रथम विधानसभा से लेकर वर्तमान सोलहवीं विधानसभा तक के कई महत्वपूर्ण और दुर्लभ चित्र शामिल हैं। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों, विशिष्ट जनों एवं आम नागरिकों के लिए 18 से 25 दिसंबर तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी देखने के लिए विधानसभा प्रवेश पत्र बनवाना आवश्यक होगा, जिसके लिए आधार कार्ड अथवा विद्यालय/महाविद्यालय का परिचय पत्र लाना अनिवार्य रहेगा।

प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश सरकार के विकास कार्यों के छायाचित्र भी शामिल किए गए हैं, जिनमें सरकार के दो वर्षों के कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया है। यह प्रदर्शनी प्रदेश के पांच हजार से अधिक जनप्रतिनिधियों के योगदान को भी स्मरण कराती है।

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