मिर्जापुर , मार्च 19 -- "जय माता दी" के उद्घोष के साथ गुरुवार को विंध्याचल धाम में प्रसिद्ध नवरात्र मेला शुरू हो गया। पहले ही दिन लाखों श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन-पूजन किया।

भोर में मंगला आरती के उपरांत जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, श्रद्धालुओं की भीड़ माता के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। आरती से पूर्व ही लंबी कतारें लग गई थीं, जो दिनभर जारी रहीं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार एवं पुलिस अधीक्षक अर्पणा कौशिक दिनभर मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।

विंध्याचल धाम आध्यात्मिक दृष्टि से विश्व प्रसिद्ध है, जहां श्रद्धालु मनोकामना पूर्ति के लिए आते हैं। वहीं साधु-संत मोक्ष की कामना से नवरात्र के दौरान नौ दिन तक विभिन्न स्थलों पर अनुष्ठान करते हैं। विंध्य पर्वत एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर साधकों ने अपने डेरे जमा लिए हैं। करीब 14 किलोमीटर में फैले मेला क्षेत्र में इस समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। विंध्य पर्वत तथा गंगा तट के घाटों पर स्नान करने वालों का तांता लगा हुआ है।

जिलाधिकारी ने बताया कि मेला क्षेत्र को 10 जोन एवं 26 सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक स्थान पर जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। घाटों पर शौचालय, चेंजिंग रूम, प्रकाश एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मार्ग परिवर्तन लागू किया गया है तथा मेला क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। बम निरोधक दस्ते, एनडीआरएफ, घुड़सवार पुलिस, फायर ब्रिगेड एवं विशेष बलों को भी लगाया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है तथा पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं।

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