मिर्जापुर, 03अप्रैल (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में नवरात्र मेले के बाद प्रसिद्ध विंध्याचल धाम का घटाभिषेक कर शुद्धिकरण किया गया।

पूरे मंदिर परिसर को गंगा जल से धुलाई की गई।इस दौरान पांच घंटे के लिए आम दर्शनार्थियों के दर्शन पूजन बंद कर दिए गए थे।

गौरतलब है कि विंध्याचल धाम में चैत्र नवरात्र के बाद वैसाख प्रतिपदा को मां विंध्यवासिनी धाम का शुद्धिकरण किया जाता है।यह प्रथा सदियों पुरानी है। यह शुद्धिकरण गंगा जल से किया जाता है। चूंकि गंगाजल को घड़े में भरकर मां विंध्यवासिनी के परिसर जिसमें गर्भ गृह तक शामिल होता है। विधिवत धुलाई की जाती है।

इस कार्यक्रम में पंडा पुरोहित के साथ मां के दरबार से सम्बन्धित नाई और अन्य लोगों की भागीदारी रहती है।इस कार्यक्रम को यहां धार्मिक अनुष्ठान के रूप में लिया जाता है। स्थानीय लोग इसमें बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं।इसकी संख्या हजारों तक रहती है।

स्थानीय पुरोहित एवं भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) विधायक रत्नाकर मिश्र ने बताया कि यह परम्परा अति प्राचीन है। वे खुद इस कार्यक्रम में सब छोड़ कर भाग लेते हैं।उन्होंने बताया कि सुबह घटाभिषेक होता है। इसी शाम मां की विशेष पूजा की जाती है। फिर निकाली की जाती है,जिसे दक्षिण दिशा में गुप्त स्थान पर रखा जाता है।

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