, Dec. 29 -- सीमा सुरक्षा बल ( बीएसएफ) पश्चिमी कमान के अतिरिक्त महानिदेशक सतीश एस. खंडारे ने बीएसएफ पंजाब के महानिरीक्षक डॉ अतुल फुलझेले के साथ बाढ़ प्रभावित सीमावर्ती जिलों गुरदासपुर, अमृतसर और फिरोजपुर का व्यापक हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों और उनके पशुओं को मुफ्त चिकित्सा सेवा प्रदान करने और बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तत्काल बचाव अभियान चलाने के लिए बीएसएफ इकाइयों के प्रयासों की भी सराहना की।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए शुरुआती राशि के तौर पर 20 करोड़ रुपये आरक्षित रखने का फैसला लिया गया। एडवोकेट धामी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या खेतों को समतल करके बिजाई के लायक बनाना है, जिसके लिए एसजीपीसी जरूरतमंदों को आठ लाख लीटर डीजल मुहैया कराएगी। इसके साथ ही 10 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को भी अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। श्री धामी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गुरुद्वारों को 50-50 हज़ार रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही, जिन ज़रूरतमंद बच्चों की किताबें क्षतिग्रस्त हो गयी हैं, उन्हें शिरोमणि कमेटी मुफ़्त किताबें मुहैया कराएगी। शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि शिरोमणि कमेटी बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को पहले से ही मेडिकल टीमें मुहैया करा रही है, अब पानी उतरने के बाद बढ़ती समस्याओं को देखते हुए श्री गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज से 50 मेडिकल वैन इन इलाकों में तैनात की जाएंगी।

एसजीपीसी ने विभिन्न गुरुद्वारों से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों तक 77 लाख 40 हजार रुपये से अधिक मूल्य का आवश्यक सामान पहुंचाया है। इसमें जहां सचखंड श्री हरमंदिर साहिब से बड़े पैमाने पर लोगों तक लंगर की सामग्री भेजी गयी, वहीं 23 लाख 85 हजार रुपये का आवश्यक सामान भी भेजा गया। इसी प्रकार, श्री दरबार साहिब श्री मुक्तसर साहिब से तीन लाख 89 हजार रुपये, गुरुद्वारा पातशाही नौवीं बाबा बकाला साहिब से तीन लाख 65 हजार रुपये, गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब डेरा बाबा नानक से दो लाख 51 हजार रुपये, गुरुद्वारा गुरुसर जमनी साहिब बाजिदपुर से 16 लाख आठ हजार रुपये, गुरुद्वारा साहिब गुरु का बाग से दो लाख छह हजार रुपये, गुरुद्वारा श्री बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी से 12 लाख 95 हजार रुपये, गुरुद्वारा श्री बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी से दो लाख 95 हजार रुपये प्रदान किये गये।

तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो से 62 हजार, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब पटियाला से नौ लाख 66 हजार रुपये विभिन्न परियोजनाओं के लिए दिए गए। तटबंधों को मजबूत करने के लिए जहां डीजल उपलब्ध कराया गया, वहीं पीने का पानी, तिरपाल, सूखा दूध, जानवरों के लिए चारा और अन्य दैनिक आवश्यकताएं प्रदान की गयीं।

वर्ष 2025 में श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम श्रद्धालुओं की स्मृति में सदा के लिए अंकित रहेंगे। 350वें शहादत दिवस को समर्पित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत पंजाब सरकार ने श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी स्मारक पर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया। इस सत्र के दौरान पंजाब सरकार ने राज्य के तीन शहरों, अमृतसर वॉल्ड सिटी, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने का फैसला किया है। सरकार ने श्री गुरु तेग बहादुर जी से जुड़ी पवित्र भूमि श्री आनंदपुर साहिब के व्यापक विकास के लिए प्रमुख कार्य शुरू किए। श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी के स्मारक पर इतिहास को दर्शाने वाली और मानवता को समर्पित पांच दीर्घाओं का उद्घाटन किया गया है। इस स्मारक का कुल क्षेत्रफल 5 एकड़ है, जिसमें से लगभग 2 एकड़ का क्षेत्र ढका हुआ है और निर्माण क्षेत्र 3,200 वर्ग फुट है। पंजाब विधानसभा के इस सत्र को इतिहास में हमेशा के लिए यादगार बनाने के लिए, राज्य सरकार ने इन शहरों को पंजाब के पवित्र शहर घोषित किया है। सरकार ने इन शहरों में मीट, शराब, तंबाकू और दूसरे नशीले पदार्थों की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगा दी।

राज्य सरकार ने डेरा बल्लां अनुसंधान केंद्र के लिए 25 करोड़ रुपये, अमृतसर के राम तीर्थ में भगवान वाल्मीकि पैनोरमा के लिए 35 करोड़ रुपये, काली माता मंदिर परिसर के लिए 75 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का आवंटन किये।

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