, Dec. 29 -- साल 2025 पंजाब के लिए अपराध, आतंकवाद और नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का वर्ष रहा। सीमावर्ती राज्य होने के कारण पाकिस्तान से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी लगातार चुनौती बनी रही, लेकिन पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इन नापाक मंसूबों को बार-बार नाकाम किया। इस वर्ष नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने पंजाब में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 25.5 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज कर दीं। यह कार्रवाई अमृतसर जोनल यूनिट की उस जांच से जुड़ी थी जिसमें एक फार्मा नेटवर्क से 34,372 ट्रामाडोल टैबलेट बरामद की गयी थीं। जांच में सामने आया कि आरोपी ड्रग्स से कमाये धन को जमीन और कारोबार में लगाकर वैध दिखा रहे थे।

एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने राज्य में 962 आपराधिक और आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस दौरान 24 गैंगस्टरों को एनकाउंटर में मार गिराया और 2,536 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 2,086 अवैध हथियार, 564 वाहन, 79 किलो हेरोइन और 4.69 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की।

पंजाब पुलिस ने मोहाली जिले में एक अंतरराज्यीय नकली करेंसी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 9.99 करोड़ रुपये की नकली और बंद हो चुकी करेंसी बरामद की है। बता दें कि पंजाब पुलिस ने घग्गर ब्रिज के पास नाका लगाकर संदिग्धों की सफेद स्कॉर्पियो को रोका, जिसमें नकली मुद्रा बरामद हुई। पंजाब में लगे एंटी-ड्रोन सिस्टम ने इस वर्ष राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकने में बड़ी भूमिका निभायी है। बता दें कि राज्य में लगाये गये एंटी-ड्रोन सिस्टम हथियारों और नशे की खेप रोकने में प्रभावी साबित हो रहे हैं। सितंबर 2024 से अब तक पुलिस ने 26 आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर 90 आरोपियों को गिरफ्तार कर विस्फोटक, हथियार, आरडीएक्स और ग्रेनेड बरामद किये। साथ ही, 203 विदेशी हैंडलर की पहचान कर उनके खिलाफ नोटिस की प्रक्रिया शुरू की गयी। बीएसएफ ने भी इस साल 200 से अधिक पाकिस्तानी ड्रोन पकड़े और 250 किलोग्राम से ज्यादा हेरोइन जब्त किये हैं।

पंजाब पुलिस ने नवंबर 2025 में एक बड़ी साजिश नाकाम करते हुए गोल्डी बराड़ गैंग के चार शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और पुलिस को मिली सूचना के आधार पर ये अपराधी चंडीगढ़, मोहाली और पटियाला में हमले की योजना बना रहे थे। पंजाब के फिरोजपुर में आरएसएस कार्यकर्ता नवीन अरोड़ा की हत्या के मुख्य आरोपी बादल को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। यह मुठभेड़ फाजिल्का के गांव माहमूजोइयां के पास हुई। जबकि आरोपी के दो साथी राजू और सोनू अंधेरे और कोहरे का फायदा उठाकर श्मशान घाट की दीवार फांदकर फरार हो गये।

पंजाब के फगवाड़ा में पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। डीएसपी भारत भूषण की अगुवाई में टीम ने पलाही रोड स्थित ताज विलास होटल पर छापा मारकर 39 लोगों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कपूरथला और फगवाड़ा सिटी पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत की गयी। पुलिस में मौके से 40 लैपटॉप, 67 मोबाइल और 10 लाख रुपये नकद बरामद किये थे।

पंजाब पुलिस ने 418 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का पता लगाया है, जिसमें से 80 करोड़ रुपये फ्रीज किये गये हैं, और रिकवरी रेट में राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया है। डिजिटल अरेस्ट स्कैम में शामिल 300 म्यूल अकाउंट्स को निष्क्रिय कर दिया गया है, और हर जिले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन चालू हैं। नये आपराधिक कानूनों को लागू करने वालों में से सबसे पहले, 70,000 से ज़्यादा क्राइम सीन वीडियो अपलोड किये गये हैं, जिससे पारदर्शी, सबूत-आधारित पुलिसिंग को मज़बूती मिली है। इस साल, 20,000 से ज़्यादा कर्मियों को आधुनिक जांच, साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक में प्रशिक्षित किया गया है। एक स्पष्ट आधुनिकीकरण रोडमैप के साथ, पंजाब पुलिस 2026 और उसके बाद की चुनौतियों का सामना करने के लिए मज़बूत क्षमताएं बना रही है। वर्ष 2025 मजबूत वित्तीय प्रबंधन, मजबूत बुनियादी ढांचा निवेश और क्रांतिकारी डिजिटल सुधारों वाला वर्ष रहा है। राज्य सरकार ने 'रंगला पंजाब विकास योजना' के तहत 292 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हरेक क्षेत्र को अपनी स्थानीय जरूरतें तुरंत पूरी करने के लिए 2.5 करोड़ रुपये मिलें। वर्ष 2025 के दौरान सड़क और खेल बुनियादी ढांचे को भी बड़ा बल मिला है, जिसके तहत 5,338 करोड़ रुपये की लागत से 2,832 किलोमीटर प्लान सड़कें और 7,767 किलोमीटर लिंक सड़कें के निर्माण का विशाल प्रोजेक्ट चल रहा है। इसके साथ ही मंडी बोर्ड द्वारा 4,275 करोड़ रुपये के निवेश से 12,361 किलोमीटर नई ग्रामीण लिंक सड़कें का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा स्वस्थ स्वास्थ्य और खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य भर में विश्व स्तर के खेल मैदान बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये रखे गये हैं।

राज्य के नागरिकों को ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण से संबंधित 56 स्मार्ट सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध करायी हैं। इन सेवाओं का लाभ आवेदक ऑनलाइन आवेदन करके, सेवा केंद्रों के माध्यम से (कार्यालय समय के दौरान) अथवा 1076 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपने घर बैठे ही प्राप्त कर सकते हैं।

पंजाब सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान, 278.37 करोड़ रुपये की लागत से 205 ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाएं पूरी की, जिससे पेयजल आपूर्ति की पहुंच, दबाव और विश्वसनीयता में सुधार करके लगभग 2.33 लाख ग्रामीण निवासियों को लाभ हुआ। राज्य के 176 गांवों को कवर करने वाली 144 जल आपूर्ति योजनाओं से संबंधित एक परियोजना को 160 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गयी है और इसे 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस परियोजना से लगभग 34 लाख ग्रामीण निवासियों को लाभ होगा। इसके अतिरिक्त, 19 जिलों के 127 गांवों को कवर करने वाली 98 योजनाओं के उन्नयन का एक प्रस्ताव, जिसकी अनुमानित लागत 105 करोड़ रुपये है, अनुमोदन के अधीन है।

सरकार ने राज्य भर में जल आपूर्ति एवं स्वच्छता अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए 2,900 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। राज्य में 100 प्रतिशत कवरेज के साथ, वर्तमान में 34 लाख से अधिक परिवारों को स्वच्छ और पेयजल प्राप्त हो रहा है। मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, राज्य में ग्रामीण विकास के लिए ग्रामीण स्वच्छता क्षेत्र में 2,190.80 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्यान्वयन योजना को मंजूरी दे दी गयी है।

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