भोपाल , मार्च 28 -- मध्यप्रदेश सरकार 31 मार्च को वाराणसी में "एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026" का आयोजन कर अंतरराज्यीय सहयोग को नई दिशा देने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन के माध्यम से निवेश, निर्यात, ओडीओपी, शिल्प और पर्यटन क्षेत्रों को गति देने पर विशेष जोर रहेगा।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार सम्मेलन की शुरुआत काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अध्ययन भ्रमण से होगी, जिसमें तीर्थ प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और अधोसंरचना विकास के मॉडल का अवलोकन किया जाएगा। इस अनुभव के आधार पर मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास और प्रबंधन को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
सम्मेलन में ओडीओपी, जीआई टैग उत्पादों, पारंपरिक शिल्प और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर फोकस रहेगा। दोनों राज्यों के उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए साझा रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
इस दौरान मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच व्यापार, निवेश, कौशल विकास, हस्तशिल्प और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए विभिन्न एमओयू भी किए जाएंगे। इससे उद्योगों, उद्यमियों और शिल्पकारों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
सम्मेलन में उद्योग जगत, निवेशकों, शिल्पकारों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच मिलेगा, जहां अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स और निवेश संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही आयोजित प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, ओडीओपी उत्पाद और पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत "गंगा-नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर" जैसी पहल पर भी जोर दिया जाएगा, जिसमें चंदेरी और महेश्वरी शिल्पकार बनारसी कारीगरों के साथ मिलकर साझा ब्रांडिंग और बाजार विस्तार की दिशा में काम करेंगे।
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