वाराणसी , दिसंबर 15 -- उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड, वाराणसी के परियोजना प्रबंधक मानवेन्द्र सिंह ने सोमवार को बताया कि संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर में उनके जीवन और दर्शन पर आधारित संग्रहालय ( म्यूजियम ) का निर्माण 1645 वर्ग मीटर क्षेत्र में चल रहा है। यह संग्रहालय लगभग 2320.73 लाख रुपये की लागत से फरवरी 2027 में बनकर तैयार होने का प्रस्ताव है।

"मन चंगा तो कठौती में गंगा" जैसे प्रेरणादायी विचारों से मानवता को दिशा देने वाले संत शिरोमणि गुरु रविदास की जीवन-धारा अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से सीधे लोगों तक पहुंचेगी। उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर में योगी सरकार एक भव्य और अत्याधुनिक संत रविदास संग्रहालय का निर्माण करा रही है, जो आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन, दर्शन और शिक्षाओं से रूबरू कराएगा।

संग्रहालय का निर्माण जी-प्लस-1 तल वाला लगभग 1645 वर्ग मीटर क्षेत्र में हो रहा है। यह आधुनिक संग्रहालय लगभग 2320.73 लाख रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। म्यूजियम में संत रविदास के जीवन, साहित्य, भक्ति आंदोलन में योगदान तथा 15वीं-16वीं सदी के आध्यात्मिक एवं सामाजिक परिवेश को डिजिटल प्रोजेक्शन, ग्राफिक्स और ऑडियो-विजुअल माध्यमों से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

परियोजना प्रबंधक ने बताया कि डिजिटल चित्र और चलचित्र के माध्यम से संत रविदास के जन्म, जीवन तथा उनके आध्यात्मिक और गृहस्थ जीवन की जानकारी उपलब्ध होगी। संग्रहालय आने वाले श्रद्धालुओं के लिए काफी इंटरएक्टिव होगा, जिसमें संत शिरोमणि रविदास के जीवन के कई अनछुए पहलुओं की जानकारी होगी। संग्रहालय में भक्ति आंदोलन में उनके योगदान के बारे में जानकारी संजोई जाएगी। रविदास द्वारा दी गई शिक्षाओं, उपदेशों और रचनाओं के बारे में गैलरी में विशेष स्थान दिया गया है, जिससे आने वाली पीढ़ी भी उनके विचारों को जान सके। ग्राफिक्स व ऑडियो-वीडियो के माध्यम से उनके साहित्यिक संकलन को दर्शाया जाएगा।

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