वाराणसी , अप्रैल 14 -- वाराणसी जिले में टीडी (टेटनस-डिप्थीरिया) एवं डीपीटी (डिप्थीरिया, काली खांसी, टेटनस) टीकाकरण अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तरीय टास्क फोर्स की वर्चुअल बैठक जूम प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने टीडी एवं डीपीटी टीकों के महत्व पर बल देते हुए निर्देश दिया कि जनपद के सभी पात्र लाभार्थियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ये टीके बच्चों एवं किशोरों को डिप्थीरिया, काली खांसी तथा टेटनस जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में 20 से 30 अप्रैल के बीच स्कूल आधारित विशेष टीडी/डीपीटी टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत 20, 21, 23, 24, 27, 28 एवं 30 अप्रैल को विशेष सत्र आयोजित होंगे।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.एस. कन्नौजिया ने बताया कि अभियान के अंतर्गत पांच से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों (संभावित कक्षा एक) को डीपीटी, 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों (संभावित कक्षा चार एवं पांच) तथा 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों (संभावित कक्षा 10 एवं 11) को टीडी का टीका लगाया जाएगा। प्रत्येक सत्र में लगभग 100 से 125 लाभार्थियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्कूलों एवं मदरसों में टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर सभी विद्यालयों में टीकाकरण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही अभिभावकों की सहमति एवं जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाने, बैनर, पोस्टर एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा यू-विन पोर्टल पर नियमित रिपोर्टिंग करने को कहा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लक्ष्यों को पूर्ण किया जाएगा।

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