वाराणसी , मार्च 25 -- पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारत पर भी पड़ने लगा है। देश के कई हिस्सों में लोग घरेलू एलपीजी सिलेंडरों को लेकर परेशान हैं। वहीं, बुधवार को काशी में मंडलायुक्त सभागार में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने स्पष्ट किया कि वाराणसी में गैस की कोई दिक्कत नहीं है।
मंडलायुक्त ने कहा कि प्रशासन दिन-प्रतिदिन इस स्थिति की निगरानी कर रहा है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
काशी में पहले से ही पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए आगे आएं। गेल द्वारा इस कार्य में पूर्ण सहयोग किया जा रहा है। जिन स्थानों पर पहले कनेक्शन दिया गया था लेकिन अभी चालू नहीं है, वहां प्राथमिकता से काम किया जा रहा है।
मंडलायुक्त ने कहा कि हमारा प्रयास है कि पूरे शहर को धीरे-धीरे पीएनजी पर शिफ्ट किया जा सके। अंतरराष्ट्रीय स्थिति को देखते हुए लोगों को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
वर्तमान में पीएनजी कनेक्शन देने के लिए 30 टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। एक टीम औसतन दो-तीन कनेक्शन प्रतिदिन दे रही है। उन्होंने आम जनता से पैनिक बुकिंग से बचने की अपील भी की।
गेल के कार्यकारी निदेशक एच.के. गर्ग ने बताया कि शहर में गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उपभोक्ताओं के लिए क्यूआर कोड जारी किया गया है, जिसके माध्यम से घर बैठे आसानी से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
शहर में 1400 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिससे 1.23 घरों तक पाईप लाइन पहुंच चुकी है। इनमें से करीब 70 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू भी हो चुका है। रजिस्ट्रेशन के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। पीएनजी एलपीजी की तुलना में सस्ती तथा सुरक्षा की दृष्टि से भी काफी बेहतर है।
प्रशासन का कहना है कि शहर में सभी जरूरी वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है। आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। शांति और संयम बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि सप्लाई व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे।
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