कवर्धा , मार्च 09 -- छत्तीसगढ के कर्वधा जिले में होली पर्व से पहले के घर से लापता हुए एक नाबालिग युवक की मौत का मामला अब रहस्यमय मोड़ ले चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो और मध्यप्रदेश में शव को दफनाने के बाद परिजनों ने बेटे की मौत को साजिश करार देते हुए निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र कुकरापानी निवासी 17 वर्षीय अमर लाल सिंह बैगा पुत्र मलखन सिंह बैगा गत 18 फरवरी को बिना बताए घर से कहीं चला गया था। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने तरेगांव थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

इसी बीच होली के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसे देखकर परिवार के होश उड़ गए। वीडियो में कुछ ग्रामीण एक युवक के हाथ-पैर बांधकर उसकी बेरहमी से पिटाई करते नजर आ रहे हैं। परिजनों का दावा है कि वीडियो में पिटाई का शिकार युवक उनका बेटा अमर लाल ही है।

वायरल वीडियो के आधार पर जानकारी जुटाते हुए परिजन मध्यप्रदेश के मंडला जिले के बिछिया थाना पहुंचे। वहां थाना प्रभारी से जो जानकारी सामने आई, उसने परिवार को स्तब्ध कर दिया।

पुलिस के मुताबिक अमर लाल सिंह को मंडला जिले के बरखेड़ा गांव में बच्चा चोरी के शक में ग्रामीणों ने पकड़कर बंधक बना लिया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।

थाना प्रभारी के अनुसार उपचार के दौरान युवक रात के अंधेरे में अस्पताल से कहीं चला गया। बाद में रास्ते में किसी अज्ञात ट्रक की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने पंचनामा कर शव को लावारिस मानते हुए दफना दिया था।

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