अगरतला , मार्च 25 -- त्रिपुरा में विपक्षी वाम मोर्चा ने त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) चुनावों और धर्मनगर विधानसभा उपचुनाव के हर मतदान केन्द्र पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की है।
मोर्चे के संयोजक माणिक डे ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई और दावा किया कि मौजूदा माहौल स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के लिए अनुकूल नहीं है। उन्होंने इन चुनावों को अभूतपूर्व परिस्थितियों में हो रहे चुनाव बताया, क्योंकि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से विपक्षी पार्टियों पर हमलों की कई खबरें सामने आ रही हैं।
उन्होंने सभी मतदान केन्द्रों पर केंद्रीय बलों की तैनाती और संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त की मांग के अलावा पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वेबकास्टिंग और स्कैनर-आधारित निगरानी प्रणालियों जैसे उपायों का भी सुझाव दिया।
उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों को प्रचार के लिए एक समान मंच उपलब्ध कराने के महत्व पर भी जोर दिया, और आरोप लगाया कि कई इलाकों में विपक्षी गतिविधियों में बाधा डाली गई है।
श्री डे ने कहा कि इन मुद्दों को पहले ही चुनाव आयोग के संज्ञान में लाया जा चुका है।
उन्होंने उम्मीदवारों के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की भी वकालत की, जिसमें निजी सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं, और पोलिंग एजेंटों के लिए भी सुरक्षा की मांग की ताकि वे बिना किसी डर या दखल के अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।
उन्होंने मतदाताओं के लिए "त्योहार जैसा" माहौल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि वे अपने अधिकारों का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सकें। उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से निष्क्रिय रहने के बजाय सक्रिय रुख अपनाने का आह्वान किया और चुनावों के दौरान वित्तीय कदाचार पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव जितेंद्र चौधरी ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के व्यापक प्रयास के तहत इन मांगों को उठाया। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि विधानसभा में अभी-अभी समाप्त हुए बजट सत्र के दौरान उठाए गए इसी तरह के मुद्दों को सरकार द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया था।
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