नयी दिल्ली , जनवरी 16 -- टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने सिंगापुर एयरलाइंस के साथ वाणिज्यिक सहयोग बढ़ाने के लिए शुक्रवार को एक फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किये।

इस फ्रेमवर्क समझौते में सहयोग बढ़ाने संबंधी मोटी-मोटी बातें तय की गयी हैं तथा अंतिम समझौता बाद में किया जायेगा।

सिंगापुर एयरलाइंस की एयर इंडिया में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

एयर इंडिया ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यह समझौता दोनों एयरलाइंस के लिए निर्णायक संयुक्त व्यावसायिक समझौतों के माध्यम से लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और गहरा करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन और सिंगापुर एयरलाइंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोह चून फोंग ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किये।

नियामक मंजूरियों और अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर के बाद दोनों एयरलाइंस का फोकस उत्पाद और सेवा पेशकशों का विस्तार पर होगा ताकि यात्रियों को निर्बाध संपर्क और अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकें। ग्राहक दोनों एयरलाइंस की उड़ानों में एक ही एकीकृत यात्रा के अंतर्गत बुकिंग करा सकेंगे। इस समझौते के तहत एयर इंडिया और सिंगापुर एयरलाइंस उड़ानों के समय में अधिक समन्वय अधिक समन्वय के विकल्प भी तलाशेंगी। कॉर्पोरेट यात्रियों के लिए दोनों एयरलाइंस अधिक पारस्परिक भागीदारी भी कर सकती हैं।

एयर इंडिया ने बताया कि योजनाओं के अंतिम रूप देने के बाद आगे के विवरण की घोषणा की जायेगी।

दोनों एयरलाइंस सिंगापुर और भारत से परे चुनिंदा बाजारों में अपने सहयोग के दायरे को व्यापक बनाने के अवसरों की भी खोज करने की योजना बना रही हैं। इससे वैश्विक संपर्क की बढ़ती मांग को पूरा करने, दोनों एयरलाइनों के हब्स के माध्यम से यातायात प्रवाह को समर्थन देने, और भारत तथा सिंगापुर के हवाई यात्रा बाजारों को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।

वर्तमान में दोनों एयरलाइंस 20 देशों और क्षेत्रों में 61 गंतव्यों पर कोडशेयर करती हैं। अक्टूबर 2024 में उन्होंने कोडशेयर साझेदारी का विस्तार किया था जिसमें दोनों नेटवर्क्स में 51 अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू गंतव्य जोड़े गये थे।

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