मंगलुरु , फरवरी 25 -- कर्नाटक में वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली ने बुधवार को मंत्रिमंडल में पहली बार निर्वाचित विधायकों को शामिल किए जाने की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि मंत्री बनने का आधार वरिष्ठता या लॉबिंग नहीं, बल्कि योग्यता होनी चाहिए।
संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर चल रही आंतरिक चर्चाओं के बीच श्री मोइली ने कहा कि पहली बार विधायक बने नेताओं को केवल अनुभव के आधार परअवसर से वंचित करना नैतिक रूप से उचित नहीं है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "हम सभी कभी न कभी नये थे। जब मैंने 22 वर्ष की उम्र में राजनीति में प्रवेश किया था, तब देवराज उर्स मुख्यमंत्री थे। उस समय भी नये चेहरों को अवसर दिये जाते थे।"उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मंत्री पद पर पहुंचने के लिए दबाव की राजनीति कारगर नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, "यदि योग्यता है तो कोई भी मंत्री बन सकता है। लॉबिंग के जरिए मंत्री बनना संभव नहीं है।" श्री मोइली की यह टिप्पणी कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर पहली बार विधायक बने नेताओं की ओर से उठाई जा रही मांगों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बताया जाता है कि नव-निर्वाचित विधायकों के एक समूह ने पार्टी के केन्द्रीय और राज्य नेतृत्व को पत्र लिखकर अगले मंत्रिमंडल फेरबदल में प्रतिनिधित्व की मांग की है।
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