अजमेर , फरवरी 03 -- राजस्थान में अजमेर में बेशकीमती सरकारी भूमि पर अवैध रूप से भूखंड काटने और उनका लाखों करोड़ों रुपए में बेचने वालों के खिलाफ वन विभाग की शिकायत पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को भू माफियाओं के चंगुल से आजाद करवाया।

वन विभाग के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि अजमेर के आदर्शनगर थाना क्षेत्र में खाजपुरा गांव में वन विभाग की करीब 60 बीघा भूमि पर अवैध कब्जा करके उसे बेचने की शिकायत अखबारों और स्थानीय ग्राम वासियों से मिली थी। शिकायत पर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने सर्वेक्षण किया तो शिकायत सही पाई गई। भूमि की जांच करवाई तो पाया गया की वन विभाग और खेती की भूमि का गलत तरीके से इस्तेमाल करके बेचा गया है । जिस पर मामला दर्ज करवाया गया और मामले की उपखंड अधिकारी से जांच करवाई गई। जांच के बाद सरकार की करोड़ों रुपए की भूमि पर हुए घोटाले का पता चला।

वहीं दूसरी ओर बताया जा रहा है कि इस भूभाग पर अवैध रूप से कब्जा पाने वाले दो भूखंड के मालिकों में जमीन की नाप को लेकर जब विवाद हुआ तब पूरे मामले का खुलासा हुआ कि यह भूमि वन विभाग की है । जिसे अवैध रूप से खातेदारी भूमि बताकर बेच दिया गया है । इस घोटाले में कई विभागों के अधिकारियों की मिली भगत से कब्जा किया गया।

विभागीय सूत्रों ने बताया कि इस भूमि के निकट खातेदारी की भूमि के कागजों के आधार पर वन विभाग की भूमि और कृषि भूमि का अवैध विक्रय किया गया। भू रूपांतरण नियम को दरकिनार कर भूमाफियाओं ने जमकर चांदी काटी। मामले का खुलासा होने के बाद मंगलवार को विभाग का दल जाप्ता और जेसीबी मशीनें लेकर पहुंचा और कब्जा किए वन विभाग की भूमि को मुक्त करवाया। इस कार्रवाई से भू माफियाओं में खलबली मच गई है।

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