नारायणपुर , दिसंबर 20 -- छत्तीसगढ़ में नारायणपुर जिले के धौडाई रेंज अंतर्गत वन विभाग की लापरवाही के कारणआरक्षित वन क्षेत्रों में हरे-भरे पेड़ों की अंधाधुंध अवैध कटाई का मामला सामने आया है।

आरोप है कि लंबे समय से सैकड़ों पेड़ों की कटाई जारी है लेकिन वन विभाग प्रभावी रोक लगाने में असफल रहा है। इस लापरवाही का लाभ उठाकर लकड़ी तस्कर और भू-माफिया बेखौफ होकर जंगलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार धौडाई और आसपास के आरक्षित जंगलों में दिन-दहाड़े पेड़ों की कटाई हो रही है। भारी मात्रा में लकड़ी निकाले जाने के बावजूद मौके पर विभाग की न तो नियमित गश्त दिखाई देती है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता। ग्रामीणों का आरोप है कि वन क्षेत्र में तैनात फील्ड स्टाफ का जंगलों में नाममात्र ही दिखना तस्करों के हौसले बढ़ा रहा है, जिससे वन संपदा को गंभीर क्षति पहुंच रही है।

वन विभाग की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि या तो विभागीय स्तर पर घोर लापरवाही बरती जा रही है या फिर अवैध कटाई में मिलीभगत के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इससे न केवल पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर भी खतरा मंडरा रहा है।

मामले पर जिला वन अधिकारी वेंकटेश ने बताया कि अवैध पेड़ों की कटाई की सूचना विभाग को मिली है। उन्होंने कहा कि संबंधित डिप्टी रेंजर और रेंजर को तत्काल मौके पर जाकर जांच और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जंगलों की सुरक्षा में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में किसी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल क्षेत्र में अवैध कटाई पर लगाम लगाने और दोषियों पर ठोस कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही।

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