कोण्डागांव , फरवरी 23 -- छत्तीसगढ़ में वन विभाग ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर काम करते हुए संरक्षित वन्य प्राणी सांभर के अवैध शिकार और मांस विक्रय के मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। प्रकरण में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार,वन विभाग के दल ने बाजारपारा निवासी उषा बाई रजक के मकान में तलाशी ली। तलाशी के दौरान आठ प्लास्टिक थैलियों में रखा मांस बरामद किया गया। पूछताछ में मकान में मौजूद संगीता निर्मलकर और उषा बाई ने स्वीकार किया कि मांस संरक्षित वन्य प्राणी सांभर का है, जिसे खाने और बेचने के उद्देश्य से ग्राम उरपुटी जिला धमतरी निवासी नरसु पिता पिलारू से खरीदा गया था। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर दोनों के विरुद्ध मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जगदलपुर जेल भेज दिया गया।
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