वडोदरा , जनवरी 30 -- पश्चिम रेलवे ने रेल परिचालन में संरक्षा को और मजबूत करने के क्रम में शुक्रवार को 344 किलोमीटर लंबे वडोदरा-विरार सेक्शन पर कवच 4.0 सिस्टम को सफलतापूर्वक कमीशन किया है।

मंडल रेल प्रबंधक राजू भड़के ने बताया कि पश्चिम रेलवे में गुजरात के वडोदरा मंडल ने इससे पहले दिसंबर 2025 में वडोदरा-अहमदाबाद सेक्शन पर कवच सिस्टम चालू किया था और आज मंडल द्वारा सूरत और वडोदरा सेक्शन पर इसे कमीशन किया गया है। इस प्रकार मुंबई (विरार) और अहमदाबाद रेलखंड कवच से लैस हो गया है।

मुंबई से कवच सिस्टम के साथ चलने वाली पहली ट्रेन 20907 दादर-भुज सयाजी नगरी एक्सप्रेस के वडोदरा आगमन पर बताया कि पश्चिम रेलवे के नागदा-वडोदरा-सूरत-विरार-मुंबई सेंट्रल सेक्शन पर कवच को 397 करोड़ रुपये की लागत से मंज़ूरी दी गयी है। वडोदरा-सूरत-विरार सेक्शन पर काम जनवरी, 2023 में शुरू हुआ और आज इस सेक्शन में कवच कमीशन कर लिया गया है। 344 किलोमीटर लंबे विरार- वडोदरा खंड पर स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली 'कवच' प्रणाली के अंतर्गत 49 स्टेशनों को कवर किया गया है, 57 टावर स्थापित किये गये हैं और 688 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गयी है। इस सेक्शन में इस प्रणाली के कमीशन होने से संरक्षा में वृद्धि के साथ साथ उच्च गति पर भी सुरक्षित ट्रेन परिचालन सुनिश्चित होगा।

उन्होंने बताया कि कवच एक स्वदेशी रूप से विकसित ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) सिस्टम है, जो सिग्नल पास एट डेंजर (एसपीएडी) की रोकथाम के साथ - साथ ऑटोमेटिक स्पीड कंट्रोल एवं आमने-सामने और पीछे से टक्करों से सुरक्षा जैसी कार्यक्षमताएं प्रदान करती है। यह ट्रैक पर आरएफआईडी टैग और ट्रैक, सिग्नल और लोकोमोटिव के बीच कम्युनिकेशन के लिए अल्ट्रा-हाई रेडियो फ्रीक्वेंसी (यूएचएफ) का इस्तेमाल करता है, जिससे केबिन में लोको पायलटों को रियल-टाइम जानकारी मिलती है और यह सुरक्षित और ज़्यादा कुशल यात्राओं के लिए एक सतर्क रक्षक की तरह काम करता है।

वर्तमान में, कवच डब्ल्यूएपी-7 लोकोमोटिव पर सक्षम है। जल्द ही, इसे अन्य लोकोमोटिव पर भी शुरू किया जाएगा। लोकोमोटिव पर कवच लगाने का काम भी अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है और अब तक डब्ल्यूआर पर कुल 364 लोकोमोटिव में कवच लगाया जा चुका है। वडोदरा-नागदा पर काम पूरी तेज़ी से चल रहा है और उम्मीद है कि यह मार्च, 2026 तक इसे पूरा कर लिया जायेगा। पश्चिम रेलवे जल्द से जल्द पूरे बीजी रूट पर कवच का काम पूरा करने के लिए तैयार है।

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