वडोदरा , नवंबर 19 -- पश्चिम रेलवे में गुजरात के वडोदरा मंडल ने भारतीय रेलवे पर पहली बार ई-नीलामी नवाचार के माध्यम से 'अपनी तरह का पहला' वेयरहाउसिंग अनुबंध किया है।

जनसम्पर्क अधिकारी अनुभव सक्सेना ने बुधवार को बताया कि मंडल के वाणिज्य विभाग ने यह उपलब्धि ई-नीलामी मॉड्यूल में एक विशेष श्रेणी के निर्माण के माध्यम से हासिल की गयी। इस तरह के नवाचार से भारतीय रेलवे में अधिक लचीले परिसंपत्ति मुद्रीकरण का मार्ग प्रशस्त होता है। इस अनुबंध का मूल्य तीन वर्षों की अवधि के लिए 24.33 लाख रुपये है, जो रेलवे के अपने संसाधनों के मुद्रीकरण को अधिकतम करने के उद्देश्य की दिशा में एक सफल कदम है।

यह समर्पित वेयरहाउसिंग सुविधा लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान करती है, जिससे पार्सल यातायात की अधिक मात्रा आकर्षित होने की उम्मीद है। स्टेशन पर एक निर्दिष्ट भंडारण क्षेत्र उपलब्ध कराने से, प्लेटफार्मों पर पार्सल पैकेजों के रखने में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी। साथ ही वडोदरा स्टेशन पर पहले से खाली पड़े क्षेत्र की साफ़-सफाई भी बेहतर ढंग से हो सकेगी, जिससे रेलवे के रखरखाव की लागत में कमी आएगी। इस स्थान के उपयोग से अनधिकृत अतिक्रमणों और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और समग्र स्टेशन सुरक्षा में वृद्धि होगी। यह पहल प्रभावी स्थान प्रबंधन के लिए एक आदर्श उदाहरण है।

उन्होंने बताया कि वडोदरा मंडल के वाणिज्य विभाग ने गैर-किराया राजस्व (नॉन फेयर रिवेन्यू ) पहल के तहत वडोदरा स्टेशन पार्सल कार्यालय के पास पहले से खाली पड़े स्थान की पहचान कर, उसका प्रभावी सदुपयोग किया गया और एक गैर-निष्पादित परिसंपत्ति को रेलवे के लिए एक आकर्षक राजस्व स्रोत में बदल दिया गया।

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