जालंधर , जनवरी 15 -- सेना की वज्र कोर ने गुरुवार को 78वां सेना दिवस गरिमा, आत्मीयता और सौहार्द की भावना के साथ मनाया तथा भारतीय सेना की अदम्य भावना, निःस्वार्थ सेवा और गौरवशाली विरासत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह की शुरुआत वज्र शौर्य स्थल पर आयोजित एक गरिमामय पुष्पांजलि अर्पण समारोह से हुई। लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, वज्र कोर ने कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व सैनिकों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर उन वीरों का सामूहिक स्मरण किया, जिनका साहस और बलिदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। यह समारोह गरिमा, श्रद्धा और गहन सम्मान से ओत-प्रोत रहा।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल चांदपुरिया ने राष्ट्र के प्रति पूर्व सैनिकों के साहस, दृढ़ता और अमूल्य योगदान के लिए गहन कृतज्ञता व्यक्त की। गठन की सर्वांगीण पेशेवर उत्कृष्टता की सराहना करते हुए उन्होंने सभी रैंकों से आह्वान किया कि वे प्रौद्योगिकी-सक्षम टैक्टिक्स, टेक्नीक्स और प्रोसीजर्स पर आधारित आक्रामक एवं नवाचारी सोच को बनाए रखें। उन्होंने कार्मिकों से उत्कृष्टता की निरंतर खोज और उन उच्चतम पेशेवर मानकों को बनाए रखने का आग्रह किया, जो भारतीय सेना की पहचान हैं।
आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को रेखांकित करते हुए जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने उभरती और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों से निरंतर अवगत रहने के महत्व पर बल दिया, ताकि संचालनात्मक चुस्ती, भविष्य के लिए तत्परता और समस्त आयामों में निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की जा सके।
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