लखनऊ , दिसम्बर 18 -- समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर चर्चा से बचना चाहती है, इसलिए विधानसभा में वंदे मातरम जैसे विषयों को उठाया जा रहा है, जबकि इस पर पहले ही लोकसभा में चर्चा हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा से जुड़े लोगों ने आज़ादी से पहले और बाद में कभी वंदे मातरम नहीं गाया और अब जरूरी मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस पर बहस कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि एकरंगी सरकार इमोशनल चर्चा करना चाहती है।

गुरुवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार के पास जनता के मुद्दे का कोई जवाब नही है। उन्होंने कहा कि खाद का हाल देखा सभी ने, लाइन लगाने के बावजूद किसानों को किल्लत उठानी पड़ी। धान खरीद का मौसम है, बताए कितना तैयारी है। कारखाना एक भी बनाया , बिजली का निजीकरण किया जा रहा है। बड़े बड़े अपराधी घूम रहे हैं। कोडीन भैया पर कोई कार्रवाई नही हो रही है। पर्यावरण को लेकर काफी चिंता है। दिल्ली का एक्यूआई क्या है। जब सब लोग सवाल उठा रहे हैं तो बोल रहे हैं सरकारी एप पर देखिए। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर विधायको के साथ बैठक की गई है।

अखिलेश यादव ने कहा कि लखनऊ में प्रदूषण की गंभीर स्थिति के कारण भारत-दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट मैच रद्द करना पड़ा, लेकिन सरकार के लोग दावा कर रहे हैं कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) ठीक था। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार यह एक्यूआई के आंकड़े कहां से ला रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्वतंत्र एजेंसियों के आंकड़ों को नकार कर प्रदूषण जैसे अहम मुद्दे पर चर्चा से बचना चाहती है।

उन्होंने कहा कि कोडीन सिरप पर कोई कार्रवाई नही हो रही है। डबल इंजन की सरकार में एक इंजन पकड़वाना चाहता है तो दूसरा छुड़वाना चाहता है। सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सबसे ज्यादा पेड़ भाजपा सरकारों में कटवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर जंगल समाप्त कर दिए गए, अब अरावली की पहाड़ियों को खत्म करने की तैयारी है। वहीं सोनभद्र में खनन के दौरान 500 फीट तक गहरे गड्ढे कर दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार इन गंभीर विषयों पर बात करने को तैयार नहीं है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक युवती का हिजाब हटाने से जुड़े मामले पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस उम्र में उन्हें किसी हेल्पर की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत नहीं किया जाना चाहिए और किसी के साथ भी इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग की मदद से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करवा रही है, जिसके जरिए विपक्ष के मतदाताओं के वोट काटने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और समाजवादी पार्टी इसका विरोध करती रहेगी।

मनरेगा के नाम बदलने पर उन्होंने कहा कि ये लोग भगवान को मानने वाले नही हैं। इकाना भगवान विष्णु का नाम है, उस नाम को भी इन्होंने पीछे कर दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदल दिया है तो कम से कम रामायण में राम का रोल निभाने वाले को संसद में पीएम के बगल में बैठा देते।

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