भोपाल , दिसंबर 13 -- नेशनल लोक अदालत में मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र अंतर्गत भोपाल एवं ग्वालियर संभाग के 16 जिलों में बिजली संबंधी 14 हजार 328 प्रकरणों का शनिवार को निराकरण किया गया। इस दौरान विद्युत उपभोक्ताओं को 9 करोड़ 2 लाख 5 हजार रुपये से अधिक की छूट प्रदान की गई, जबकि कुल 17 करोड़ 47 लाख 65 हजार रुपये का राजस्व कंपनी के खाते में जमा हुआ।
लोक अदालत में भोपाल क्षेत्र अंतर्गत लिटिगेशन एवं प्री-लिटिगेशन के कुल 8 हजार 149 मामलों में 14 करोड़ 80 लाख 15 हजार रुपये की मांग के एवज में 5 करोड़ 23 लाख 56 हजार रुपये की छूट दी गई। इसके बाद 9 करोड़ 56 लाख 59 हजार रुपये की राशि कंपनी के खाते में जमा कराई गई।
इसी प्रकार ग्वालियर क्षेत्र में लिटिगेशन एवं प्री-लिटिगेशन के कुल 6 हजार 179 मामलों में 11 करोड़ 69 लाख 55 हजार रुपये की मांग के विरुद्ध 3 करोड़ 78 लाख 50 हजार रुपये की छूट प्रदान की गई और 7 करोड़ 91 लाख 6 हजार रुपये का राजस्व जमा हुआ। पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में लोक अदालत के माध्यम से 26 करोड़ 49 लाख रुपये से अधिक की राशि से जुड़े प्रकरणों का समाधान किया गया।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि लोक अदालत के लिए वितरण केंद्र स्तर तक प्रभावी तैयारी की गई थी। इस दौरान विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत दर्ज बिजली चोरी एवं अनियमितताओं से संबंधित प्रकरणों में भी समझौता किया गया।
प्री-लिटिगेशन स्तर पर निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर-घरेलू तथा 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को छूट का लाभ दिया गया। प्री-लिटिगेशन स्तर पर सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत तथा ब्याज राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी गई, जबकि लिटिगेशन स्तर पर सिविल दायित्व पर 20 प्रतिशत और ब्याज पर 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया था।
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