नयी दिल्ली , दिसंबर 16 -- लोकसभा में मंगलवार को पुराने कानूनों को समाप्त करने वाले निरसन और संशोधन विधेयक 2025 को पारित किया गया।
विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधेयक पर चर्ता का जवाब देते हुए कहा कि इस विधेयक पर 24 लोगों ने बोला है यह अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के बनने के बाद कानून बनाना या किसी की आवश्यकता नहीं है तो उन कानूनों को निरस्त करने का काम लगातार किया गया है। कांग्रेस के शासन में पहले कानून का निरसन होता रहा है लेकिन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान दस साल कानूनों का निरसन नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विकसित भारत की ओर अग्रसर है। अब तक 1577 कानूनों का निरसन किया है। इस विधेयक में 71 कानूनों का निरसन और संशोधन करने के लिए सदन में विधेयक लाया गया है। सरकार ने पिछले 11 सालों में 40,000 से अधिक शिकायतों को कम करने के साथ-साथ 'इज आफ डूइंग बिजनेस' के साथ साथ 'इज ऑफ लिविंग' को भी सुनिश्चित किया गया।
उन्होंने कहा कि निरसन विधेयक को सोच विचार करके लाया गया ताकि विकसित भारत के सपने को पूरा किया जा सके। डाक विभाग में रजिस्टर पोस्ट सेवा को स्पीड पोस्ट के साथ मर्जर कर दिया तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो कानून भेदभाव करने वाला है उसे भी हटाने का निर्णय लिया गया और यही हमारा संकल्प है। हमारे कालखंड में हमें लोगों को 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' के लिए प्रमोट करना है। यह प्रगतिशील विधेयक है इसे पारित किया जाये।
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