नयी दिल्ली , मार्च 15 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद रविवार को उन्हें पत्र लिख कर उनके संयमित और निष्पक्ष संचालन की सराहना की है।

श्री मोदी ने अपने पत्र में कहा कि संसद के भीतर लोकतांत्रिक परंपराओं और मर्यादाओं को बनाए रखने में अध्यक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और हालिया घटनाक्रम में उन्होंने इसे प्रभावी ढंग से निभाया है। इस पत्र के जवाब में लोकसभा श्री बिरला ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का पत्र भारतीय संसदीय लोकतंत्र के प्रति उनके गहरे विश्वास को दर्शाता है।

श्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा कि लोकसभा में श्री बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सदन में खारिज हो गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि संसद ने विपक्ष के इस कदम को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि सदन के संचालन में अध्यक्ष के तौर पर श्री बिरला ने जिस संतुलन, धैर्य और स्पष्टता का परिचय दिया, वह संसदीय परंपराओं के अनुरूप और अत्यंत सराहनीय है।

पत्र में श्री मोदी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी संस्थाएं हैं और संसद इन संस्थाओं का प्रमुख मंच है। संसद में उठने वाली हर आवाज देश के करोड़ों नागरिकों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है। ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष का दायित्व केवल कार्यवाही का संचालन करना नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं, नियमों और संस्थागत गरिमा की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

श्री मोदी ने पत्र में लिखा कि लोकतंत्र में मतभेद होना स्वाभाविक है और विचारों की विविधता ही लोकतंत्र को जीवंत बनाती है। लेकिन असहमति और असम्मान के बीच एक स्पष्ट अंतर होता है। उन्होंने कहा कि कई बार राजनीतिक मतभेदों के कारण संसदीय मर्यादाओं पर प्रश्न उठने लगते हैं, ऐसे समय में अध्यक्ष की निष्पक्षता और संयम लोकतंत्र की मूल भावना को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

श्री मोदी ने पत्र में यह भी कहा कि सदन में सभी सांसदों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए। युवा सांसद हों, पहली बार निर्वाचित होकर आए प्रतिनिधि हों या महिला सांसद-सभी को बोलने का अवसर देना लोकतंत्र को और मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि श्री बिरला ने अपने कार्यकाल में लगातार यह प्रयास किया है कि अधिक से अधिक सांसदों को सदन में अपनी बात रखने का मौका मिले।

श्री मोदी पत्र में यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ लोकसभा अध्यक्ष ने अपने संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों को भी लगातार प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा बनाए रखते हुए क्षेत्र के विकास के लिए सक्रिय रहना जनप्रतिनिधि की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री बिरला आगे भी इसी निष्पक्षता, धैर्य और प्रतिबद्धता के साथ लोकसभा का संचालन करते रहेंगे और लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत बनाने में योगदान देंगे।

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