टोंक , फरवरी 10 -- कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष एवं स्वस्थ संवाद जरूरी बताते हुए कहा है कि मजबूत विपक्ष स्वस्थ लोकतंत्र की बहुत बड़ी जरूरत है लेकिन आज जो टकराव एवं दमन की राजनीति उत्पन्न हो गई है, यह लोकतंत्र में सही नहीं है।
श्री पायलट मंगलवार को यहां अपने पिता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजेश पायलट की जयंती पर श्री भगवान महावीर दिव्यांग सहायता समिति के सहयोग से टोंक में आयोजित ''निःशुल्क दिव्यांग सामग्री वितरण शिविर'' के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विचारधारा के लोग चुनाव लड़ते हैं लेकिन आज चुनाव लड़ना, प्रतिस्पर्धा होना नफरत में तब्दील होता जा रहा है। एक-दूसरे में प्रति राजनीति में जो घृणा एवं तनाव पैदा हो गया है, वो कोई शुभ संकेत नहीं है। लोकतंत्र में यदि सब दुश्मन बन जायेंगे तो सहमति कैसे बनेगी।
उन्होंने कहा कि आज जो संसद में हो रहा है, इससे सभी भली-भांति परिचित है। हमारे लोकतंत्र की परम्परा रही है कि आलोचना करना, आईना दिखाना, सवाल पूछना, मापदण्ड तय करना, जिम्मेदारी तय करना यह विपक्ष का काम रहा है। मजबूत विपक्ष स्वस्थ लोकतंत्र की बहुत बड़ी जरूरत है लेकिन आज जो टकराव एवं दमन की राजनीति उत्पन्न हो गई है, यह लोकतंत्र में सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि हम सभी के मन में यह भाव रहता है कि गरीब, असहाय लोगों की मदद किस प्रकार से की जाये परन्तु कई बार यह भावना मूर्त रूप नहीं ले पाती। बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं जो इस भावना को साकार रूप प्रदान करते है। श्री भगवान महावीर दिव्यांग सहायता समिति ऐसी ही एक संस्था है जिसने अनेकों अक्षम लोगों को अपने पैरों पर खड़ा कर मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है।
श्री पायलट ने श्री राजेश पायलट को याद करते हुए कहा कि पायलट साहब ने अपने जीवन में ऐसी छाप छोड़ी है कि एक गरीब परिवार का व्यक्ति जिसके पास कुछ ना हो, वो अपनी मेहनत और लगन से बहुत ऊचाईयां हासिल कर सकता है। उन्होंने सदैव यह सीख दी कि जिनके बीच हम रहते हैं, जो लोग हमसे जुड़े हुए हैं, उन्हें हमेशा साथ लेकर बढ़ना चाहिए। एक पुरानी कहावत है 'जिस पेड़ की जड़े गहरी नहीं होती, वह ऊंचा नहीं उठ सकता'। उनकी सोच थी कि शिक्षित एवं समझदार लोग राजनीति में आगे आये और जनसेवा को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा "मुझे खुशी है कि श्री राजेश पायलट की जयंती पर आज हम इस शिविर के माध्यम से कुछ लोगों की मदद कर पाये है।"उल्लेखनीय है कि 10 से 12 फरवरी तक चलने वाले इस तीन दिवसीय शिविर में दिव्यांगों को कृत्रिम हाथ-पैर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, छड़ी, कैलिपर्स, सामान्य ट्राईसाईकिल, व्हीलचेयर एवं वॉकर का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।
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