जयपुर , जनवरी 25 -- राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ बनाने के लिए सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करने की आवश्यकता बताते हुए नागरिकों से मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया हैं।

श्री बागडे ने रविवार को यहां मतदाता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सौ करोड़ से अधिक मतदाताओं के साथ भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जिसकी आधारशिला सहिष्णुता की समृद्ध संस्कृति पर टिकी हुई है। उन्होंने चुनावी खर्च को कम करने की दिशा में एक साथ चुनाव प्रणाली अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे बचाई गई राशि का उपयोग राष्ट्र विकास में किया जा सकता है।

उन्होंने लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर प्रभावी प्रयास करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद संविधान के निर्माण के पश्चात वर्ष 1952 में प्रथम आम चुनाव आयोजित किए गए थे, जिसमें प्रत्याशियों के लिए अलग-अलग रंगों के मतपेटियों का उपयोग किया जाता था। आज तकनीकी प्रगति के परिणामस्वरूप ईवीएम के माध्यम से मतदान प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी एवं सुगम हो गई है।

श्री बागडे ने कहा कि राज्यभर में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए किए गए कार्य अत्यंत सराहनीय एवं महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों का पूर्ण शुद्धता के साथ निर्माण किया जा रहा है, जिसमें बीएलओ के साथ-साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से सभी स्तरों पर पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

इससे पूर्व राज्यपाल ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा मतदान को लोकतंत्र का मूल अधिकार बताते हुए इस आशय का संदेश केनवास पर अंकित किया। उन्होंने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 पर आधारित डॉक्युमेंट्री का विमोचन भी किया, जिसमें इस अभियान की पूरी यात्रा को दर्शाया गया है। कार्यक्रम के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारियों, ईआरओ एवं बीएलओ द्वारा अपने अनुभव भी साझा किए गए।

समारोह में राज्यपाल द्वारा मतदाता शपथ का वाचन कराया गया। राज्य में निर्वाचन संबंधी गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, पर्यवेक्षक, बूथ लेवल अधिकारी सहित विभिन्न श्रेणियों के कुल 79 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए।

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