नयी दिल्ली , मार्च 05 -- दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली के भलस्वा लैंडफिल, गाज़ीपुर लैंडफिल, ओखला लैंडफिल के कारण राजधानी की हवा जहरीली और भूमिगत जल गंभीर रूप से दूषित हो चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के चलते इन ओवरलोडेड लैंडफिल स्थलों पर कचरे का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जिससे आसपास की कॉलोनियों के लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। श्री यादव ने कहा कि इन लैंडफिलों के पास रहने वाले लोग हृदय, फेफड़ों और त्वचा संबंधी बीमारियों, खांसी, सांस फूलने और एलर्जी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही जहरीली हवा और दूषित पानी के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 11,852 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें से 64-70 प्रतिशत का निस्तारण हो पाता है, जबकि करीब 4,000 मीट्रिक टन कचरा रोजाना लैंडफिल साइटों पर डाला जाता है।
उन्होंने बताया कि लैंडफिल से निकलने वाला लीचेट जमीन में रिसकर भूमिगत जल को 15 गुना तक प्रदूषित कर रहा है। आसपास की कॉलोनियों से लिए गए पानी के नमूनों में टीडीएस, क्लोराइड और कैल्शियम की मात्रा मानकों से कई गुना अधिक पाई गई। यादव ने कहा कि प्रदूषण और दूषित जल के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने सरकार से लैंडफिल के कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
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