चंडीगढ़ , फरवरी 12 -- पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गुरूवार को बताया कि लुधियाना के एक कारोबारी को नौ करोड़ रुपये के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) घोटाले में गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आबकारी एवं कर इंस्पेक्टर को लंबे समय से बिना सूचना के गैर-हाजिर रहने के कारण नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।
श्री चीमा ने कहा, "कराधान विभाग ने एक बड़े जीएसटी घोटाले का पर्दाफाश किया है। इसमें मेसर्स एम.ए.ए. स्टील द्वारा बिना किसी वास्तविक सप्लाई के जाली इनवॉइस जारी किए जा रहे थे। इस धोखाधड़ी वाले नेटवर्क से नौ करोड़ रुपये से अधिक की कर वापसी हुयी, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ। छापेमारी के दौरान विभाग की टीमों ने मौके पर मौजूद स्टॉक और फर्म के आधिकारिक बुक रिकॉर्ड में भी बड़ा अंतर पाया है।" इस मामले में स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट (सीआईपीयू), लुधियाना की गई एक बड़ी कार्रवाई के दौरान कर विभाग ने मेसर्स एम.ए.ए. स्टील, लुधियाना के मालिक रोहित गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस मामले में जांच का दायरा और बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हम साइकिल पार्ट्स और स्पेयर पार्ट्स के कई निर्माताओं की जांच कर रहे हैं, जिनके इस घोटाले में शामिल होने का संदेह है। ये इकाइयां गलत तरीके से लाभ लेने के लिए जांच के घेरे में हैं।"इसी दौरान आंतरिक प्रशासनिक अनुशासन के बारे में बात करते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की कि पंजाब सरकार ने एक आबकारी एवं कर इंस्पेक्टर को लंबे समय से गैर-हाजिर रहने के कारण तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।
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