केलांग , दिसंबर 29 -- हिमाचल प्रदेश में लाहौल-स्पीति जिला प्रशासन ने ताजा हिमपात की संभावना और मौजूदा शून्य से नीचे के तापमान को देखते हुए ने एक विस्तृत यात्रा संबंधी चेतावनी जारी की है, जिसमें यात्रियों और पर्यटकों से आगामी दिनों में क्षेत्र में यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, घाटियों और पहाड़ी दर्रों के ऊपरी इलाकों में पहले से ही भीषण ठंड पड़ रही है, और कई सड़कों पर व्यापक रूप से बर्फ जमने की सूचना मिली है। काली बर्फ जमने से सड़कें अत्यधिक फिसलन भरी हो गई हैं तथा विशेष रूप से छायादार क्षेत्रों और उच्च ऊंचाई वाले दर्रों में, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है।
नवीनतम मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 29 से 31 दिसंबर के बीच मध्यम से उच्च हिमपात की संभावना है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मौसम की स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है, जिससे अचानक सड़कें बंद हो सकती हैं और आवश्यक सेवाएं बाधित हो सकती हैं। दारचा-शिंकुला सड़क पर यातायात प्रतिबंधित कर दिया गया है। केवल स्नो चेन से लैस फोर व्हील ड्राइव वाहनों को ही एक निर्धारित मार्ग और समय सीमा के भीतर आवागमन की अनुमति है। भारी हिमपात के कारण ऊंचे दर्रों की ओर जाने वाले मार्गों सहित कई अन्य मार्ग भी बंद हैं।
यात्रियों को विशेष रूप से असुरक्षित सड़क खंडों पर अनावश्यक यात्रा और ठहराव से बचने की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें पर्याप्त शीतकालीन वस्त्र, स्नो चेन, फावड़े, भोजन, पानी और आवश्यक दवाएं साथ रखने और जहां तक संभव हो समूह में यात्रा करने की सजाह दी गयी है। होटल और होमस्टे मालिकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे मेहमानों को मौजूदा स्थिति और सुरक्षा सावधानियों के बारे में जानकारी दें। पुलिस और सीमा सड़क संगठन को यातायात नियंत्रित करने और सड़क की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने जनता से आधिकारिक सलाह का सख्ती से पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में जिला आपातकालीन संचालन केंद्र से संपर्क करने की अपील की है। प्रशासन ने जोर दिया है कि क्षेत्र में पारंपरिक शीतकालीन यात्रा नियमों का पालन करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।
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