नयी दिल्ली , दिसम्बर 11 -- राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने संकटग्रस्त लाल चंदन के संरक्षण के लिए लाभ साझाकरण योजना के तहत 6.2 करोड़ रूप जारी किए हैं जिससे पाँच राज्यों में किसानों तथा वन-निर्भर समुदायों की आजीविका को सशक्त बनाया जाएगा।
आधिकारिक सूचना के अनुसार लाभ साझाकरण निधि राज्य वन विभागों, राज्य जैव विविधता बोर्डों और लाल चंदन उगाने वालों को जारी की गई है, जो इस देशज और वैश्विक रूप से मूल्यवान प्रजाति की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लाल चंदन के सतत संरक्षण और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जारी 6.2 करोड़ रुपये में से, तेलंगाना के किसानों को 17.8 लाख रुपये और आंध्र प्रदेश के किसानों को 1.1 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा तमिलनाडु वन विभाग को 2.98 करोड़ रुपये, कर्नाटक वन विभाग को 1.05 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र वन विभाग को 69.2 लाख रुपये और तेलंगाना वन विभाग को 5.8 लाख रुपये प्राप्त होंगे और 16.0 लाख रुपये संबंधित राज्य जैव विविधता बोर्डों में बांटे जाएंगे।
प्राधिकरण का मानना है कि इस नवीनतम किस्त के साथ ही, लाल चंदन संरक्षण के लिए विशेष रूप से वितरित की गई कुल निधि की राशि 101 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। अब तक लाल चंदन संरक्षण के तहत 216 व्यक्तिगत किसानों को लाभ हुआ है, जिसमें से 198 आंध्र प्रदेश के और 18 तमिलनाडु के किसान हैं। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा के वन विभाग और राज्य जैव विविधता बोर्ड भी लाभान्वित हुए हैं।
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