नैनीताल , अप्रैल 29 -- उत्तराखंड में नैनीताल जिले के लालकुआं में हाथी के हमले में बुजुर्ग चौकीदार की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं जंगल से एक अन्य अज्ञात शव भी बरामद हुआ है, जिसकी मौत के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना शाह पठानी खत्ता क्षेत्र की है, जहां बुधवार तड़के चौकीदार बंधु प्रजापति (75) निवासी चतरा, झारखंड आम के पेड़ के नीचे सो रहा था। इसी दौरान जंगली हाथी ने उस पर हमला कर दिया और कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक यहां खत्ता क्षेत्र में चौकीदारी करता था।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के डीएफओ उमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि स्थानीय लोगों ने दो लोगों की मौत की सूचना दी थी, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान जंगल के भीतर से करीब 60 वर्षीय एक अन्य व्यक्ति का शव भी बरामद किया गया। वन गुज्जरों के अनुसार यह व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ था और पिछले 2-3 दिनों से जंगल में भटक रहा था। हालांकि उसके शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसकी मौत हाथी के हमले से हुई है।
दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। मृतक चौकीदार के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
बताया जा रहा है कि कि शाह पठानी डिपो क्षेत्र घने जंगल में स्थित है और वन विभाग इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन गुज्जर समुदाय के बीच जागरूकता अभियान चलाने की बात कह रहा है। साथ ही, हाथियों से सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
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