तेहरान , मार्च 02 -- ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ किसी भी नयी बातचीत से इनकार कर दिया है। इससे ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच पूरे पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव बढ़ने के साथ ही बयानबाजी और बढ़ गयी है।

ईरान की सर्वाेच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव श्री लारीजानी ने "पर्दे के पीछे गोपनीय बातचीत(बैक चैनल डिप्लोमेसी)" की खबरों को खारिज कर दिया है और अमेरिकी राष्ट्रपति पर आरोप लगाया कि उन्होंने "भ्रम वाली हरकतें" करके इस इलाके को अस्थिरता में धकेल दिया है।

श्री लारीजानी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि श्री ट्रंप ने अपने "अमेरिका पहले" नारे को "इज़रायल पहले" में बदल दिया है और इज़रायल की इच्छाओं के लिए अमेरिकी सैनिकों की कुर्बानी दे दी है। उन्होंने कहा, "श्री ट्रंप ने अपनी भ्रम वाली कल्पनाओं से पश्चिम एशिया को अराजक स्थिति में धकेल दिया है और अब उन्हें और अमेरिकी लोगों के मारे जाने का डर है। लेकिन ईरान अपना अभियान जारी रखेगा।"गौरतलब है कि अमेरिका -इजरायल मिसाइल हमले में ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने खाड़ी में अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी हमले किए। इसमें बहरीन में लोगों के मारे जाने और इराक और कुवैत में और बमबारी होने की खबरें हैं।

अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने 1,000 से ज़्यादा ईरानी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें भूमिगत मिसाइल ठिकाने भी शामिल हैं और कई ईरानी नौसैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। श्री ट्रंप ने ईरान सुरक्षा बलों को हथियार डालने या "मौत" का सामना करने की चेतावनी दी और संकेत दिया कि अमेरिकी सैन्य अभियान लगभग चार हफ़्ते तक चल सकता है।

तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने सोमवार को बताया कि ईरान सुरक्षा बलों ने देश के पश्चिम में एक इज़राइली हर्मीस ड्रोन को मार गिराया है।

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