दरभंगा , फरवरी 13 -- बिहार के प्रतिष्ठित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) में फॉरेंसिक विज्ञान एवं साइबर कौशल विकास के क्षेत्र में उन्नत अध्ययन एवं प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फॉरेंसिक विज्ञान एवं साइबर कौशल विकास केन्द्र की स्थापना की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

फॉरेंसिक विज्ञान एवं साइबर कौशल विकास केन्द्र की स्थापना के लिए शुक्रवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किया गया है। आज एलएनएमयू फॉरेंसिक एवं साइबर कौशल विकास केंद्र की स्थापना के मद्देनजर ग्रेडल अनुसंधान एवं विकास प्राइवेट लिमिटेड तथा टेक्नोटच के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ।

इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह केंद्र विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति में मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस कदम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी दक्षता मिलेगी जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

यह केंद्र विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अनुसंधान केंद्र भवन में संचालित किया जाएगा। केंद्र के सुचारू संचालन, प्रशासनिक देख-रेख तथा शैक्षणिक समन्वय की जिम्मेदारी भौतिकी विभाग की डॉ. पूजा अग्रवाल को सौंपी गई है। इस समझौते से विद्यार्थियों को फॉरेंसिक विज्ञान, साइबर सुरक्षा, डिजिटल अन्वेषण एवं संबंधित आधुनिक क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा कौशल उन्नयन का अवसर प्राप्त होगा।

वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों और डिजिटल तकनीकों के व्यापक उपयोग को देखते हुए यह केंद्र युवाओं को रोजगारोन्मुखी एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, यह पहल शैक्षणिक जगत और उद्योग के बीच समन्वय स्थापित कर अनुसंधान, नवाचार एवं प्रायोगिक ज्ञान को भी बढ़ावा देगा।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पदाधिकारी में प्रो. विजय यादव, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. जया हैदर, एमओयू नोडल पदाधिकारी डॉ. मनु राज शर्मा और ग्रेडल्स ग्रुप के निदेशक शुभम उपस्थित थे।

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