लखनऊ , फरवरी 5 -- उत्तर प्रदेश सरकार के 'फार्मा कॉन्क्लेव 1.0' में राज्य को फार्मा विनिर्माण और हेल्थकेयर नवाचार का नया केंद्र बनाने का खाका तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ललितपुर और नोएडा में फार्मा पार्क के विस्तार को हरी झंडी देते हुए बल्क ड्रग इकाइयों को स्थापित करने की अनुमति दी। करीब 2,000 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक फार्मा पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे यूपी का 'फार्मा-रेडी' मिशन गति पकड़ेगा।

ललितपुर में यूपीसीडा के माध्यम से 'फ्यूचर-रेडी' फार्मा इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में 352.91 एकड़ में फॉर्मुलेशन और बल्क ड्रग इकाइयों का काम प्रगति पर है, जबकि दूसरे चरण में 1,465 एकड़ के विकास के लिए ईओआई जारी हो चुकी है। लगभग 8,000 एकड़ के लैंड बैंक के साथ राज्य बड़े निवेश के लिए तैयार है। वहीं, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क के साथ नया फार्मा फॉर्मुलेशन पार्क प्रस्तावित है, जहां 'एएससीए' प्रमाणन लैब की सुविधा से गुणवत्ता परीक्षण के लिए विदेशों पर निर्भरता कम होगी।

कॉन्क्लेव में करीब 10,000 करोड़ रुपये के निवेश आशय और 11 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। उद्योग जगत ने प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, नियामकीय सरलीकरण और तेज अनुमोदन की जरूरत पर बल दिया। विशेषज्ञों ने रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने की वकालत की। सरकार का दावा है कि इन पहलों से रोजगार सृजन, निर्यात बढ़ोतरी और उत्तर प्रदेश को वैश्विक फार्मा मानचित्र पर स्थापित करने में निर्णायक बढ़त मिलेगी।

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