भीलवाड़ा , जनवरी 27 -- राजस्थान में राष्ट्रीयकृत बैंकों में विगत 10 वर्षों से लंबित पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग और 12वें द्विपक्षीय समझौते में यूनियनों के साथ सहमति होने के बावजूद भारत सरकार द्वारा इसे लागू नहीं किये जाने के विरोध में, अखिल भारतीय स्तर पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर बैंककर्मी मंगलवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे।
इस हड़ताल के दौरान भीलवाड़ा जिले की 130 से अधिक राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं में कार्य पूर्ण रूप से ठप रहा, जिससे आम नागरिक बैंकिंग सेवाओं से वंचित रहे। हड़ताल के कारण जिले भर में नकद लेन-देन, अंतरण एवं समाशोधन के माध्यम से करीब 1500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ।
यूएफबीयू की स्थानीय इकाई के तत्वावधान में मुख्य प्रदर्शन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बसंत विहार शाखा के बाहर आयोजित किया गया, जिसमें जिले भर से आये सैकड़ों बैंक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार के विरुद्ध अपना आक्रोश व्यक्त किया।
विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि भारत सरकार के स्वयं के कार्यालयों, भारतीय जीवन बीमा निगम, बीमा क्षेत्र, भारतीय रिज़र्व बैंक, नाबार्ड सहित कई संस्थानों में पहले से ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, इसके बावजूद राष्ट्रीयकृत बैंकों में इसे लागू न करना वित्त मंत्रालय और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की हठधर्मिता को दर्शाता है, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार है।
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