भरतपुर , मार्च 16 -- उत्तर भारत के प्रसिद्ध आस्था धाम राजस्थान में करौली के कैलादेवी मंदिर में वार्षिक चैत्र लक्खी मेले की सोमवार से धूमधाम के साथ विधिवत हुई शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं का सैलाव उमड़ पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हजारों की संख्या में पदयात्रा कर कैलादेवी पहुंचे श्रद्धालु माता के दरबार में कतार लगाकर दर्शन करके मनौतियां मांग रहे हैं। करीब एक पखवाड़े तक चलने वाले इस मेले में राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा देश के विभिन्न राज्यों उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, गुजरात, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

इस बीच हजारों की तादाद में श्रद्धालु नाचते-गाते और भजन-कीर्तन करते हुए आस्था धाम की ओर बढ़ रहे हैं। कुछ भक्त वाहनों में माता का दरबार सजाकर डीजे पर भजन और लांगुरिया गीतों के बीच यात्रा कर रहे हैं। हिण्डौन से कैलादेवी तक करीब 55 किलोमीटर लंबे मार्ग पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों की ओर से कई स्थानों पर भंडारे लगाए गए हैं। यहां पदयात्रियों को भोजन-नाश्ता कराया जा रहा है। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए टेंट लगाकर विश्राम स्थल, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राजस्थान रोडवेज ने राज्य के 45 डिपो से करीब 300 बसें संचालित की हैं, जो हिण्डौन और कैलादेवी के बीच यात्रियों को लाने-ले जाने का कार्य करेंगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 1400 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए हैं, जिनमें सात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और 17 पुलिस उपाधीक्षक शामिल हैं।

मन्दिर प्रबंधन ने बताया कि भीड़ को देखते हुए मंदिर में दर्शन का समय भी बढ़ा दिया गया है। अब श्रद्धालु तड़के चार बजे मंगला आरती से रात नौ बजे तक माता के दर्शन कर सकेंगे।

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